किसानों को फसल बेचने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कृषि और किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खड्डियां ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित सभी अनाज मंडियों को पूरी तरह कार्यशील बनाने हेतु सरकार ने रविवार से पाँच-दिवसीय विशेष अभियान शुरू कर दिया है। इस दौरान मंडियों से खड़ा पानी और गाद हटाकर उन्हें खरीफ (सॉनी) सीजन की खरीद के लिए तैयार किया जाएगा।
प्रभावित जिलों पर रहेगा विशेष ध्यान
मंत्री खड्डियां ने बताया कि यह अभियान खासकर उन जिलों में चलाया जा रहा है, जहाँ मंडियां बाढ़ के पानी और गाद से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। उन्होंने पंजाब मंडी बोर्ड और जिला मंडी अधिकारियों (DMO) को निर्देश दिए कि वे खुद मौके पर जाकर अभियान की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि 19 सितंबर 2025 तक सभी मंडियां पूरी तरह बहाल हो जाएं।
किसानों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता
स. खड्डियां ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हाल ही में आई बाढ़ ने कई चुनौतियां खड़ी की हैं, लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी किसान अपनी उपज बेचने में दिक्कत का सामना न करे। किसानों की आजीविका सुरक्षित रखना हमारी पहली जिम्मेदारी है।”
सॉनी खरीद सीजन की तैयारी पूरी
कृषि मंत्री ने बताया कि 16 सितंबर 2025 से शुरू होने वाले सॉनी खरीद सीजन के लिए सभी मंडियों में पुख्ता प्रबंध कर दिए गए हैं। मंडियों में सफाई, पानी की निकासी और आधारभूत ढांचा दुरुस्त करने के लिए तेजी से कार्य चल रहा है। साथ ही, मंडियों में किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं जैसे कि पानी, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।
समय पर खरीद और तुरंत भुगतान का भरोसा
स. खड्डियां ने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार किसानों को इस सीजन में बेहतर खरीद अनुभव प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर फसल की खरीद और तुरंत भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम सरकार की किसान हितैषी नीतियों और पारदर्शी खरीद प्रक्रियाओं को दर्शाता है।
पंजाब सरकार का यह निर्णय बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। अब उम्मीद की जा रही है कि विशेष अभियान के चलते मंडियां समय पर तैयार हो जाएंगी और किसान अपनी फसल बिना किसी परेशानी के बेच सकेंगे।
