रेलवे स्टेशनों पर भीड़ की समस्या से जूझ रहे यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब यात्रियों को ट्रेन का इंतजार प्लेटफार्म पर नहीं, बल्कि नए बने कांकॉर्स एरिया में करना होगा। इस फैसले से प्लेटफार्म पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को सुरक्षित व आरामदायक माहौल मिल सकेगा।
चंडीगढ़ स्टेशन पर नई सुविधा
रेलवे ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर दो इमारतों के बीच लगभग 72 बाय 82 मीटर का कांकॉर्स एरिया तैयार किया है। फिलहाल इसका फिनिशिंग कार्य चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में एक साथ 8 से 10 हजार यात्री ठहर सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य प्लेटफार्म की भीड़ को नियंत्रित करना है।
सिर्फ उन्हीं को प्लेटफार्म पर एंट्री
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल वही यात्री प्लेटफार्म पर जा सकेंगे जिनकी ट्रेन प्लेटफार्म पर आने वाली है। बाकी सभी यात्रियों को ट्रेन आने तक कांकॉर्स में इंतजार करना होगा। इस व्यवस्था से न केवल भीड़ कम होगी बल्कि सामान चोरी की घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा।
बूम बैरियर से होगी जांच
कांकॉर्स से प्लेटफार्म की ओर जाने वाले रास्तों पर बूम बैरियर लगाए जाएंगे। यह बैरियर तभी खुलेगा जब यात्री का ट्रेन टिकट या प्लेटफार्म टिकट स्कैन होगा। इसका मतलब है कि अब कोई भी व्यक्ति बिना टिकट प्लेटफार्म पर प्रवेश नहीं कर सकेगा।
प्लेटफार्म नंबर 1 और 6 पर विशेष व्यवस्था
चंडीगढ़ स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर-1 (चंडीगढ़ की ओर) और प्लेटफार्म नंबर-6 (पंचकूला की ओर) जाने वाले यात्रियों को कांकॉर्स से होकर गुजरने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, उन्हें भी प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए बूम बैरियर से होकर जाना पड़ेगा। इसके अलावा, इन प्लेटफार्मों पर यात्रियों के इंतजार के लिए अलग वेेटिंग एरिया भी बनाया गया है।
त्योहारों और छुट्टियों में मिलेगी राहत
त्योहारों और गर्मियों की छुट्टियों में ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ हो जाती है। ऐसे में प्लेटफार्म पर धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस साल दौड़-भाग के कारण कई यात्री घायल हो गए थे। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यह नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
सुरक्षित यात्रा की दिशा में बड़ा कदम
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि कांकॉर्स एरिया के शुरू होने के बाद प्लेटफार्म पर अनावश्यक भीड़ नहीं होगी। केवल वास्तविक यात्री ही प्लेटफार्म तक जाएंगे, जिससे व्यवस्था और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा। यह कदम यात्रियों के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने की दिशा में अहम साबित होगा।
