पटना हाईकोर्ट ने कांग्रेस पार्टी द्वारा साझा किए गए विवादित AI वीडियो मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश पी.बी. बाजंतरी की बेंच ने आदेश दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी को दर्शाने वाला यह वीडियो तुरंत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाया जाए।
विवादित वीडियो की शुरुआत
10 सितंबर को बिहार कांग्रेस के आधिकारिक एक्स (Twitter) हैंडल से यह वीडियो साझा किया गया था। वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी का एक AI-आधारित चित्रण दिखाया गया, जिसमें वह सपने में अपनी मां हीराबेन मोदी को देखते हैं। इस दृश्य में मां बेटे को राजनीतिक फायदे के लिए उनके नाम का इस्तेमाल करने पर फटकार लगाती हैं। वीडियो में एक जगह पीएम जैसे दिखने वाला पात्र कहता है—“आज की वोट चोरी हो गई, अब अच्छी नींद लो।”
बीजेपी का आक्रोश और FIR
वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे प्रधानमंत्री और उनकी मां का अपमान करार दिया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह वीडियो न केवल पीएम मोदी की छवि को धूमिल करने वाला है, बल्कि महिलाओं की गरिमा का भी उल्लंघन करता है। 13 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ता संकेत गुप्ता की शिकायत पर FIR दर्ज की, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
कांग्रेस का बचाव
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस पार्टी ने इस वीडियो का बचाव किया। कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा—“यह वीडियो किसी का अपमान नहीं करता। मां केवल अपने बेटे को राजधर्म सिखाती नजर आती है। अगर पीएम को यह अपमानजनक लगता है, तो यह उनकी व्यक्तिगत सोच है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस मुद्दे को सहानुभूति बटोरने के लिए इस्तेमाल कर रही है।
आंतरिक जांच भी शुरू
बिहार कांग्रेस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच का आदेश दिया है। पार्टी ने कहा है कि यह पता लगाया जाएगा कि इस वीडियो को आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट करने के लिए कौन जिम्मेदार था। हालांकि, हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि इस तरह का वीडियो तुरंत हटाया जाना जरूरी है ताकि समाज में गलत संदेश न फैले।
अदालत का कड़ा संदेश
पटना हाईकोर्ट का यह आदेश साफ संकेत देता है कि राजनीतिक दलों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना होगा। अदालत ने कहा कि प्रधानमंत्री पद या किसी भी संवैधानिक पद से जुड़े व्यक्ति और उनके परिवार का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस और बीजेपी के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और गरमा सकता है। एक ओर जहां बीजेपी इसे प्रधानमंत्री और मां का अपमान बताकर राजनीतिक हथियार बना रही है, वहीं कांग्रेस इसे “राजधर्म की सीख” करार देकर बचाव की कोशिश कर रही है। फिलहाल पटना हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कांग्रेस को यह वीडियो हटाना ही होगा।
