जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़े अवैध फार्मास्यूटिकल ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और 1,85,000 ट्रामाडोल टैबलेट जब्त की। यह कार्रवाई पंजाब में नशे के कारोबार पर कड़ी नजर रखने और युवाओं को सुरक्षित बनाने के प्रयासों का हिस्सा है।
जेल से संचालित हो रहा था नेटवर्क
पुलिस के प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह सिंडिकेट गोइंदवाल जेल से संचालित किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के माध्यम से पुलिस ने नेटवर्क की कई अहम कड़ियों का पता लगाया है, जो फार्मास्यूटिकल ड्रग्स की तस्करी को आसान बना रहे थे।
एफआईआर दर्ज और जांच जारी
इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर नंबर दर्ज की गई है और यह एफआईआर जालंधर के पीएस डिवीजन नंबर 8 में दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में नेटवर्क की पूरी संरचना और इसके पीछे के अन्य सदस्य और लिंकages को उजागर किया जाएगा।
पुलिस का संकल्प
जालंधर पुलिस ने कहा है कि यह कार्रवाई सिर्फ कुछ व्यक्तियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है। पंजाब पुलिस का उद्देश्य पूरे राज्य में नशे के कारोबार को समाप्त करना और युवाओं को सुरक्षित रखना है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
अगले कदम
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। इन सुरागों की मदद से न सिर्फ जालंधर, बल्कि पूरे पंजाब में फैले नशे के नेटवर्क को उजागर किया जा सकेगा।
यह कार्रवाई साबित करती है कि पंजाब पुलिस नशे के खिलाफ लगातार सक्रिय है और अवैध फार्मा-ऑपिओइड नेटवर्क के खिलाफ कोई समझौता नहीं कर रही। राज्य में सुरक्षित और नशामुक्त माहौल बनाने के लिए यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
