पंजाब और हिमाचल की सीमा पर स्थित पोंग डैम में पानी का स्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। इसकी वजह से आसपास के गाँवों और कस्बों में दहशत का माहौल देखने को मिल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, बीते कई दिनों से हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी और कांगड़ा ज़िलों में लगातार भारी बारिश हो रही थी। यही कारण है कि डैम में पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया। हालांकि, अब पंजाब और हिमाचल दोनों जगह बारिश कम हो गई है। राहत की बात यह है कि डैम में आने वाले और छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा लगभग बराबर हो गई है। इसी वजह से जलस्तर में धीरे-धीरे मामूली कमी आनी शुरू हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम 7 बजे तक पोंग डैम झील में पानी की आमद 52,313 क्यूसेक दर्ज की गई। इस समय डैम का जलस्तर 1394.83 फीट है, जो खतरे के निशान से लगभग 5 फीट ज्यादा है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए डैम से पानी लगातार छोड़ा जा रहा है।
शाह नहर बैराज से लगभग 48,195 क्यूसेक पानी ब्यास नदी में छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा करीब 11,500 क्यूसेक पानी मुकेरियां हाइडल नहर में भी छोड़ा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन अगर फिर से बारिश तेज हुई तो खतरा और बढ़ सकता है।
प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी है। वहीं, राहत और बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार लगातार बारिश और डैम के बढ़े हुए जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी निगाहें मौसम पर टिकी हुई हैं क्योंकि बारिश कम होने से ही स्थिति सामान्य हो सकेगी।
