चंडीगढ़: शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। हवाई अड्डा 26 अक्टूबर से 7 नवंबर तक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान सभी उड़ानें रद्द कर दी जाएंगी।
रनवे पर होगा मरम्मत और अपग्रेडेशन का काम
हवाई अड्डे के सीईओ अजय वर्मा ने बताया कि रनवे-29 और रनवे-11 पर पॉलिमर मॉडिफाइड इमल्शन का काम किया जाएगा। इसके साथ ही ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम को भी अपग्रेड किया जाएगा ताकि भविष्य में फ्लाइट संचालन और सुरक्षित हो सके।
सिर्फ हेलीकॉप्टर को मिलेगी उड़ान की इजाज़त
इस अवधि में केवल रोटरी विंग एयरक्राफ्ट, यानी हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति होगी, वह भी तभी जब पहले से मंजूरी ली जाएगी। बाकी सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पूरी तरह से बंद रहेंगी।
एयरलाइंस ने रोकी टिकट बुकिंग, यात्रियों को मिल रहा रिफंड
एयरलाइंस कंपनियों ने पहले ही 26 अक्टूबर से 7 नवंबर तक की बुकिंग रोक दी है। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक की थी, उनका रिफंड जारी किया जा रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से सभी कंपनियों को हवाई अड्डा बंद होने की जानकारी दे दी गई है।
एयरफोर्स और सिविल दोनों इस्तेमाल करते हैं रनवे
गौरतलब है कि शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का रनवे भारतीय वायुसेना और सिविल एयरलाइंस दोनों ही इस्तेमाल करती हैं। इसी वजह से समय-समय पर यहां मरम्मत और अपग्रेडेशन का काम जरूरी होता है।
ILS CAT-2 अपग्रेड की तैयारी
जानकारी के मुताबिक, इस दौरान रनवे-11 पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) कैट-2 को अपग्रेड करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। हालांकि, अधिकारियों ने इस पर आधिकारिक टिप्पणी करने से फिलहाल इनकार किया है।
कोरिया से आया आधुनिक उपकरण
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने लाइटिंग सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए करीब 2 करोड़ रुपये खर्च कर कोरिया से विशेष उपकरण मंगवाए हैं। माना जा रहा है कि इसके इंस्टॉलेशन के बाद हवाई अड्डे की तकनीकी क्षमता और सुरक्षा स्तर और भी बढ़ जाएगा।
यात्रियों को हो सकती है दिक्कत
लगातार 13 दिनों तक हवाई अड्डे के बंद रहने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, अधिकारी दावा कर रहे हैं कि काम तय समय में पूरा कर लिया जाएगा ताकि 8 नवंबर से सभी उड़ानें फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सकें।
शहीद भगत सिंह हवाई अड्डे का यह अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट न केवल उड़ानों की सुरक्षा और संचालन को बेहतर बनाएगा, बल्कि यात्रियों को भी भविष्य में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
