पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विधानसभा में कहा कि पंजाब हमेशा से मुश्किलों और संकटों से जूझता रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी सरकार पंजाब को इस कठिन समय से बाहर निकालकर फिर से मजबूत बनाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि वे एकजुट होकर पंजाब के विकास और पुनर्वास में योगदान दें।
पंजाब में निवेश और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी-बड़ी कंपनियां पंजाब में निवेश करने के लिए आ रही हैं। पंजाब की औद्योगिक क्रांति के तहत मोहाली को IT हब बनाया जाएगा, जिससे प्रदेश में तकनीकी उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि जितना अधिक निवेश आएगा, उतना ही लड़कों और लड़कियों के लिए रोजगार बढ़ेगा। उनका लक्ष्य पंजाब को उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर पहुँचाना है।
जल संसाधन और डैम की समस्या
भगवंत मान ने पंजाब में जल संसाधनों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों में भाखड़ा और पोंग डैम में डेसिल्टिंग (साफ-सफाई) नहीं करवाई गई। BBMB (भाखड़ा बैराज मैनेजमेंट बोर्ड) ने पानी के मामलों में कई बार पंजाब के खिलाफ फैसले लिए, लेकिन डैम की सफाई और रख-रखाव पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने BBMB को पंजाब के लिए ‘सफेद हाथी’ बताते हुए कहा कि यह कभी भी राज्य का पक्ष नहीं लेता।
मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस की सरकार के समय घग्गर नदी पर डैम बनाने की योजना को ठुकरा दिया गया, जिससे नदी में तबाही हुई और कई गांव डूब गए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पंजाब के लोगों के हित में अदालतों में केस लड़ रही है, राजनीति की नहीं।
मिशन चढ़दीकला
पंजाब को फिर से मजबूत बनाने के लिए सरकार ने ‘मिशन चढ़दीकला’ की शुरुआत की है, जो पंजाब वित्त मंत्रालय के अधीन आता है। इस मिशन के तहत जनता द्वारा दिए गए योगदान को पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ लोगों की सेवा में लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि एक-एक पैसे का पूरा हिसाब जनता को दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी से आग्रह किया कि एक-दूसरे का सहयोग करते हुए पंजाब के विकास में योगदान दें। उनका मानना है कि जनता की भागीदारी और उद्योगों के निवेश से पंजाब फिर से अपने पैरों पर खड़ा होगा और मजबूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनेगा।
