सोमवार (29 सितंबर) को वाणिज्यिक हफ्ते की शुरुआत सोना-चांदी के ऐतिहासिक भावों के साथ हुई। MCX पर सोना 1,15,708 रुपये प्रति 10 ग्राम के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमतें 1,43,900 रुपये प्रति किलोग्राम के पार चली गईं। लगातार कई दिनों से जारी तेजी ने निवेशकों को बड़ा मुनाफा दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
वैश्विक स्तर पर भी सोना-चांदी के वायदे ऊंचाई पर कारोबार कर रहे हैं। सोमवार को शुरुआती कारोबार सुस्त जरूर रहा, लेकिन इसके बाद दोनों धातुओं में तेजी आई।
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सोना (COMEX) 3,788.80 डॉलर प्रति औंस पर खुला। पिछली क्लोजिंग 3,809.10 डॉलर रही थी। थोड़ी देर में यह बढ़कर 3,823.70 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोना 3,828.50 डॉलर प्रति औंस के नए ऑल-टाइम हाई को छू गया।
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चांदी (COMEX) 46.42 डॉलर प्रति औंस पर खुली, जबकि पिछली क्लोजिंग 46.65 डॉलर थी। ट्रेडिंग के दौरान यह 46.92 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी। इस महीने की शुरुआत में ही चांदी 46.95 डॉलर का स्तर छू चुकी है।
निवेशकों के लिए फायदे का सौदा
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना-चांदी में यह तेजी कई कारकों का नतीजा है, जिनमें वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर बढ़ती रुचि शामिल है। भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई के दबाव ने भी इन धातुओं की मांग को बढ़ाया है।
आगे क्या रहेगा रुख?
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निकट भविष्य में सोना और चांदी में और तेजी देखने को मिल सकती है। त्योहारी सीजन में घरेलू मांग भी बढ़ने वाली है, जिससे दाम और ऊपर जाने की संभावना है। हालांकि, जिन निवेशकों ने पहले से पोजीशन बना रखी है, उन्हें मुनाफावसूली का भी मौका मिल सकता है।
ग्राहकों पर असर
सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल से जहां निवेशकों की बल्ले-बल्ले हो रही है, वहीं आम ग्राहकों के लिए सोने के गहने खरीदना और भी महंगा हो गया है। ज्वैलर्स का कहना है कि शादी और त्योहारों के सीजन में ग्राहकों को ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
