पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान जनता और प्रशासन ने बेहतरीन कार्य किया। उन्होंने विधानसभा में कहा कि विपक्षी पार्टियों को भी इस मुश्किल समय में दोस्त की भूमिका निभानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने लाखों युवाओं और समाजसेवी संस्थाओं की सराहना की, जिन्होंने अपने जीवन की परवाह किए बिना प्रभावित लोगों की मदद की। एन.डी.आर.एफ., भारतीय सेना और अन्य संगठन भी राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
फसलों के नुकसान का मुआवजा बढ़ाया
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में फसलों को हुए नुकसान के लिए पहले दिए जाने वाले मुआवजे में वृद्धि की गई है। 26 से 33 प्रतिशत नुकसान वाले खेतों के लिए प्रति एकड़ मुआवजा अब 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है। 33 से 75 प्रतिशत नुकसान वाले खेतों के लिए 6,800 रुपये की जगह 10,000 रुपये, और 75 से 100 प्रतिशत नुकसान वाले खेतों के लिए 6,800 रुपये की जगह 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से भी मुलाकात करने की बात कही।
घरों के नुकसान पर भी मदद
मुख्यमंत्री ने घरों के नुकसान के लिए भी राहत राशि की घोषणा की। 100 प्रतिशत नुकसान वाले घरों के लिए 1,20,000 रुपये, जबकि कम नुकसान वाले घरों के लिए 35,100 रुपये दिए जाएंगे। विशेष गिर्दावरी 13 सितंबर से शुरू की जा रही है, ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके।
जमीनों और प्रभावित इलाकों के लिए सहायता
कुछ जमीनें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, उनके लिए 47,500 रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा देने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, फीरोजपुर और फाजिल्का क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए राज्य सरकार ने 4.5 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पुनर्वास का समय है और सभी को मिलकर जीवन को पटरी पर लाने का प्रयास करना होगा।
मुख्यमंत्री ने किया नागरिकों को भरोसा दिलाया
भगवंत मान ने विधानसभा में कहा कि प्राकृतिक आपदाओं में कोई सीमा या सरहद नहीं देखता। उन्होंने सभी प्रभावित लोगों से आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव मदद प्रदान करेगी और राज्य में पुनर्वास और राहत कार्य तेजी से किए जाएंगे।
