पंजाब विधानसभा ने बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी अपर्याप्त राहत पैकेज पर कड़ा रुख अपनाया। सदन ने केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया और कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा बार-बार बैठक की मांग करने के बावजूद इसका कोई जवाब न देना राज्य का अपमान है। विधानसभा ने स्पष्ट किया कि 1,600 करोड़ रुपये के नाममात्र राहत पैकेज से राज्यवासियों की मदद नहीं हो सकती और केंद्र सरकार से तुरंत वित्तीय सहायता जारी करने की मांग की।
मुख्यमंत्री मान की प्रयासों को सराहा गया
सदन में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री मान ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं पुनर्वास के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन केंद्र से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। विधानसभा ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वित्तीय पैकेज तत्काल जारी किया जाए, ताकि किसानों और बाढ़ प्रभावित ग्रामीण इलाकों के नागरिकों को राहत मिल सके।
कृषि सुधार के लिए बिल पास
वहीं, राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधार को लेकर कई महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा में पेश किए गए। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बीज (पंजाब संशोधन) विधेयक-2025 पेश किया, जिसे सदन में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस विधेयक का उद्देश्य बीज उत्पादन, वितरण और किसानों के हित को मजबूत करना है।
व्यापार और कर सुधार
कबिनेट मंत्री तुरनप्रीत सिंह सौंद ने पंजाब व्यापार का अधिकार (संशोधन) विधेयक-2025 पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह बिल राज्य में कारोबार करने वाले उद्यमियों के लिए सरल और पारदर्शी प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2025 पेश किया, जिसे सदन में पारित कर दिया गया।
संपत्ति और शहरी सुधार से संबंधित बिल
मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने पंजाब अपार्टमेंट एवं संपत्ति विनियमन (संशोधन) विधेयक-2025 पेश किया, जिसे भी सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके अलावा, कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक-2025 और कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने पंजाब नगर सुधार (संशोधन) विधेयक-2025 पेश किए। दोनों बिलों को सदन में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
राज्य के प्रशासनिक सुधार और विकास की दिशा
इन विधेयकों के पारित होने से राज्य के प्रशासनिक ढांचे में सुधार आएगा, व्यापार और सहकारी समितियों का संचालन पारदर्शी होगा, और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। बाढ़ राहत के मुद्दे पर केंद्र सरकार की निंदा और वित्तीय पैकेज की मांग के साथ ही प्रशासनिक सुधारों के लिए विधेयकों का पारित होना पंजाब के नागरिकों और राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
