पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष पर तीखे तंज कसे। उन्होंने कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बाजवा साहिब कहते हैं “रंगला पंजाब” मिशन में पैसे न डाले । लेकिन वास्तव में यह मिशन वित्त मंत्रालय के अधीन आता है और इसकी पूरी राशि बाढ़ पीड़ितों की मदद पर ही खर्च की जाएगी।
‘कंगला पंजाब’ वाले बयान पर पलटवार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजवा का आरोप है कि मौजूदा सरकार ने पंजाब को ‘कंगला पंजाब’ बना दिया है, लेकिन हकीकत यह है कि विपक्ष ने हमेशा जनता को गुमराह करने की कोशिश की। मान ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को खुशहाल बनाना है और हर बाढ़ पीड़ित तक सहायता पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।
भाजपा पर हमला
मुख्यमंत्री ने भाजपा को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने विधानसभा के बाहर एक अलग ‘नकली’ विधानसभा लगाई है क्योंकि वे असली विधानसभा में जवाबदेही देने से डरते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पंजाब से धोखे किए हैं और अब जनता के सामने जवाब देने से बच रही है।
भविष्य पर इशारा
भगवंत मान ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस तरह भाजपा नकली विधानसभा बैठा रही है, साल 2029 में उन्हें ‘नकली संसद’ भी लगानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि हमारी हर धड़कन में पंजाब बसता है और हमारा सपना राज्य को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है।
जनता के लिए वचनबद्धता
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार किसी भी बाढ़ पीड़ित को मदद से वंचित नहीं रहने देगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जनता के लिए पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से काम कर रही है और विपक्ष केवल आरोप लगाने तक सीमित है।
विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री का यह संबोधन विपक्ष पर सीधा हमला था। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों को कठघरे में खड़ा किया और स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी सरकार केवल और केवल पंजाब और उसके लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।
