पंजाब सरकार ने राज्य में पुलिस बल को और मज़बूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घोषणा की है कि अगले वर्ष 3400 कांस्टेबलों की सीधी भर्ती की जाएगी। इस संबंध में डीजीपी गौरव यादव ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग
डीजीपी गौरव यादव ने हाल ही में राज्य के सभी पुलिस कमिश्नरों, एसएसपी और एसएचओ स्तर के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में लंबे समय से स्टाफ की कमी बनी हुई है। इसी को देखते हुए पंजाब सरकार ने नई भर्तियों को मंज़ूरी दी है।
एएसआई से इंस्पेक्टर तक 1600 पद
डीजीपी ने बताया कि सरकार ने एएसआई से लेकर इंस्पेक्टर तक के 1600 पदों की सृजन भी की है। इसमें 150 इंस्पेक्टर, 450 सब-इंस्पेक्टर और 1000 एएसआई पद शामिल हैं। इन पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा।
4500 पद और भरे जाएंगे
डीजीपी ने कहा कि इसके अलावा जिला कैडर में करीब 4500 अन्य पद भी चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे। इससे पुलिस बल को और मज़बूती मिलेगी और कानून-व्यवस्था पर सकारात्मक असर होगा।
त्योहारों के मौसम को लेकर निर्देश
त्योहारों के सीज़न को देखते हुए डीजीपी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करनी होगी।
गैंगस्टरों और नशा तस्करों पर सख्ती
डीजीपी गौरव यादव ने साफ कहा कि पुलिस को गैंगस्टरों, नशा तस्करों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कांस्टेबल से लेकर एसएसपी तक हर अधिकारी की जवाबदेही तय होगी और ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
‘युद्ध नशों के खिलाफ’ अभियान
डीजीपी ने जानकारी दी कि ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ अभियान के तहत अब तक दर्ज मामलों में से 87% मामलों में आरोप साबित हो रहे हैं, जो पुलिस की सख्त कार्रवाई को दर्शाता है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
डीजीपी ने यह भी कहा कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में शामिल पाया जाता है, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हर स्तर पर पारदर्शिता और ईमानदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
पंजाब सरकार और पुलिस विभाग का यह कदम युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ राज्य की कानून-व्यवस्था को और मज़बूत करेगा। नए कांस्टेबल और पदोन्नत अधिकारियों के जुड़ने से न केवल पुलिस बल की कमी पूरी होगी, बल्कि नशे और अपराध के खिलाफ जंग को भी नई गति मिलेगी।
