पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। मिरिक इलाके में स्थित दुडिया आयरन ब्रिज के ढह जाने से 6 लोगों की मौत हो गई। यह पुल मिरिक और आसपास के इलाकों को सिलीगुड़ी और कुर्सियांग से जोड़ता था। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और कई जगहों पर भूस्खलन और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
हादसे के बाद मचा हाहाकार
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, शनिवार देर रात तेज बारिश के बीच अचानक दुडिया नदी का जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव की वजह से पुल का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिर पड़ा, जिससे उस वक्त पुल पार कर रहे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। मौके पर ही कई लोग पानी में बह गए।
प्रशासन के अनुसार, अब तक 6 मौतें दर्ज की गई हैं — जिनमें सौरानी (धारा गांव) से 3, मिरिक बस्ती से 2 और विष्णु गांव से 1 व्यक्ति शामिल हैं। राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं।
पीएम मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर संवेदना जताई है। उन्होंने एक्स (X) पर लिखा —
“दार्जिलिंग में पुल ढहने की दुर्घटना में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुखी हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि सरकार भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी।
सड़कें बंद, यातायात प्रभावित
हादसे के बाद दार्जिलिंग जाने वाले कई रास्ते बंद हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, दिलाराम इलाके में एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया है, जबकि हुसैन खोला क्षेत्र में भूस्खलन हुआ है। इसके चलते दार्जिलिंग की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग बंद हो गया है।
वर्तमान में केवल पंखाबाड़ी मार्ग और एनएच-110 (नेशनल हाईवे) ही खुले हैं। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि कुर्सियांग से दार्जिलिंग पहुंचने के लिए डाउनहिल रोड (पुरानी मिलिट्री रोड) का उपयोग किया जा सकता है।
राहत और बचाव जारी
राज्य आपदा प्रबंधन दल, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर जुटी हुई हैं। बचाव कर्मियों ने बताया कि नदी में बह गए कुछ लोगों की तलाश अभी जारी है। मिरिक और आसपास के गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और पहाड़ी ढलानों से दूर रहें, क्योंकि क्षेत्र में अभी भी भूस्खलन का खतरा बरकरार है।
