पंजाब सरकार गुरु तेग बहादर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को बेहद श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाने की तैयारी में जुट गई है। राज्यभर में धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की जा रही है, जो नवंबर के महीने में अपने चरम पर पहुँचेगी।
राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में गठित पैनल इन आयोजनों की निगरानी कर रहा है। उनके साथ मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. और तरुनप्रीत सिंह सौंद भी इस टीम का हिस्सा हैं। यह टीम 8 नवंबर से राज्यभर में चार प्रमुख नगर कीर्तनों के मार्गों का निरीक्षण करेगी, ताकि व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से पूरी की जा सकें।
ऐतिहासिक आयोजन की रूपरेखा
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह आयोजन गुरु साहिब के अद्भुत बलिदान, “सरबत दा भला” और मानवता के प्रति उनकी भावना को समर्पित होंगे।
कार्यक्रमों की शुरुआत 25 अक्तूबर 2025 को दिल्ली के गुरुद्वारा सीस गंज साहिब में अरदास से होगी। इसके बाद गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में कीर्तन दरबार आयोजित होगा। पंजाब के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में गुरु साहिब के जीवन, शिक्षाओं और उनके साथियों — भाई मती दास, भाई सती दास, भाई दयाला और भाई जैता जी — के बलिदान पर सेमिनार और विशेष कार्यक्रम होंगे।
राज्यभर में होंगे लाइट एंड साउंड शो
1 से 18 नवंबर तक सभी 23 जिलों में लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा, जिनमें गुरु साहिब के जीवन और उनके अनुयायियों की वीरता को प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके अलावा 130 पवित्र स्थलों पर कीर्तन दरबार होंगे। अमृतसर, बाबा बकाला, श्री आनंदपुर साहिब और पटियाला में विशेष आयोजन रखे गए हैं। इन नगरों के सौंदर्यीकरण के लिए विशेष मुहिम भी शुरू की जा रही है।
चार नगर कीर्तन — एक भाव, एक श्रद्धा
पंजाब में चार बड़े नगर कीर्तन निकाले जाएंगे, जो 22 नवंबर की शाम श्री आनंदपुर साहिब में पहुँचकर संपन्न होंगे।
- पहला नगर कीर्तन श्रीनगर से निकलेगा और जम्मू, पठानकोट व होशियारपुर होते हुए आनंदपुर साहिब पहुँचेगा।
- दूसरा गुरदासपुर से शुरू होकर अमृतसर, जालंधर और बलाचौर से गुजरेगा।
- तीसरा फरीदकोट से निकलकर फिरोजपुर, मोगा, लुधियाना और फतेहगढ़ साहिब पहुँचेगा।
- चौथा तख्त श्री दमदमा साहिब (बठिंडा) से रवाना होकर संगरूर, पटियाला और मोहाली होते हुए अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँचेगा।
मुख्य समारोह श्री आनंदपुर साहिब में
मुख्य आयोजन 23 से 25 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में होंगे। यहाँ लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं के पहुँचने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए “चक्क नानकी टेंट सिटी” बनाई जा रही है, जहाँ रोजाना 11,000 से अधिक लोगों के ठहरने की व्यवस्था होगी।
23 नवंबर को अखंड पाठ साहिब, सर्व-धर्म सम्मेलन, विरासत-ए-खालसा में प्रदर्शनी, राज्य का पहला ड्रोन शो और कीर्तन दरबार आयोजित होंगे। 24 नवंबर को “सीस भेंट नगर कीर्तन” श्री कीरतपुर साहिब से आनंदपुर साहिब तक निकलेगा। इसी दिन पहली बार पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र भाई जैता जी स्मारक पर आयोजित होगा।
25 नवंबर को अखंड पाठ के भोग और रागी जथों द्वारा कीर्तन के साथ समारोह संपन्न होंगे। इसके साथ राज्य में रक्तदान शिविर, 3.5 लाख पौधारोपण और अंगदान अभियान भी चलाए जाएँगे।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि गुरु तेग बहादर जी के ये शहीदी समारोह समाज को धर्म की स्वतंत्रता, मानवता और करुणा का संदेश देंगे। उन्होंने कहा — “गुरु साहिब का बलिदान हमें सभी धर्मों के सम्मान और एकता की प्रेरणा देता है।”
