पंजाब सरकार ने स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे राज्य में “सेफ स्कूल वाहन नीति” को सख़्ती से लागू किया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि यह नीति बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और इसके तहत अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त निगरानी समिति बनाई है, जो स्कूल वाहनों की नियमित जाँच करती है। इस समिति का उद्देश्य है कि हर बच्चा सुरक्षित ढंग से स्कूल पहुँचे और लौटे।
सख्त कार्रवाई और आंकड़े
मंत्री ने बताया कि साल 2022 से जुलाई 2025 तक, पंजाब भर में 13,819 स्कूल वाहनों की जाँच की गई। इनमें से 4,351 वाहनों के चालान काटे गए और 87 वाहनों को जब्त किया गया। यह कार्रवाई उन वाहनों पर की गई जो सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सर्दी और धुंध के मौसम को देखते हुए अगस्त में एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान 1,486 वाहनों की जाँच की गई और 561 चालान जारी किए गए। साथ ही 187 स्कूलों में मौके पर निरीक्षण भी किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्कूल स्वयं भी सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं।
नीति के तहत कड़े नियम
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि नीति के अनुसार, हर स्कूल वाहन का रंग पीला होना चाहिए। वाहनों में आपातकालीन निकास द्वार (Emergency Exit) अनिवार्य है। सभी सीटें आगे की दिशा में लगी होनी चाहिए और वाहनों में टेम्पर-प्रूफ स्पीड गवर्नर लगाना जरूरी है, ताकि गाड़ी तय गति से अधिक न चल सके।
उन्होंने कहा कि जब गाड़ी का दरवाजा खुले, तो हैजर्ड लाइट अपने आप जलनी चाहिए, जिससे सड़क पर बाकी वाहन चालक सतर्क रहें। इसके अलावा, सभी वाहनों के पास अपडेटेड आर.सी., बीमा, फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट होना जरूरी है।
ड्राइवर और कंडक्टर के लिए शर्तें
सरकार ने ड्राइवर और कंडक्टर के लिए भी कई नियम तय किए हैं। दोनों के पास वैध लाइसेंस, मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट और कम से कम पाँच साल का ड्राइविंग अनुभव होना अनिवार्य है। जिन वाहनों में यह मानक पूरे नहीं होंगे, उन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, “बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर बच्चे का स्कूल तक का सफर सुरक्षित और निश्चिंत होना चाहिए।”
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को केवल उन स्कूल वाहनों में भेजें, जो सेफ स्कूल वाहन नीति के सभी नियमों का पालन करते हैं।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन
यदि किसी को किसी स्कूल वाहन में सुरक्षा से जुड़ी समस्या दिखे, तो वह तुरंत जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर इसकी जानकारी दे सकता है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह नीति सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जन-सुरक्षा अभियान है, जिसका मकसद बच्चों की ज़िंदगियों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा, “हर बच्चे की मुस्कान हमारी जिम्मेदारी है — और यह नीति उसी दिशा में पंजाब सरकार का दृढ़ कदम है।”
