पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा, जो कैबिनेट सब-कमिटी के अध्यक्ष भी हैं, ने वेरका मिल्क और कैटल फीड प्लांट के आउटसोर्स कर्मचारियों की जायज़ मांगों के समाधान के लिए तुरंत एक उच्च-स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह निर्णय वेरका मुख्य कार्यालय में यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान लिया गया।
कर्मचारियों की समस्याओं को सुना और निर्देश दिए
इस बैठक में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यूनियन की मांगों, चिंताओं और मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने निर्देश दिया कि यूनियन के मुद्दों का व्यापक और ठोस समाधान सुनिश्चित करने के लिए एक समिति बनाई जाए। इस समिति में शामिल होंगे:
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वित्त विभाग का वरिष्ठ अधिकारी
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मिलकफैड के चेयरमैन
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मिलकफैड के एम.डी
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मिलकफैड के डायरेक्टर
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जनरल मैनेजर एचआर मिलकफैड
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मैनेजर वित्त
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यूनियन के दो प्रतिनिधि
समिति को विशेष प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
वित्त मंत्री चीमा ने समिति को निर्देश दिए कि वे यूनियन के मुद्दों के समाधान के लिए विशेष प्रस्ताव तैयार करें, जिसे जल्द ही ठोस समाधान के लिए कैबिनेट सब-कमिटी को प्रस्तुत किया जाएगा। मंत्री ने यूनियन के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी जायज़ मांगें पूरी की जाएंगी।
बैठक में उपस्थित अधिकारी और यूनियन प्रतिनिधि
बैठक में मिलकफैड के चेयरमैन नरिंदर सिंह शेरगिल, मिलकफैड के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल गुप्ता और एडिशनल एडवोकेट जनरल टी.पी.एस. वालिया भी उपस्थित थे। यूनियन की ओर से पवनदीप सिंह और जसबीर सिंह ने अपने पक्ष में बात रखते हुए कर्मचारियों के हितों की पैरवी की।
कर्मचारियों को मिलेगी राहत
विशेष समिति के गठन से कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान अपेक्षित है। वित्त मंत्री की पहल से यह संकेत मिलता है कि सरकार कर्मचारियों के हितों और यूनियन के न्यायसंगत प्रस्तावों को गंभीरता से ले रही है। कर्मचारियों ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
