आज पूरे भारत में महिलाओं द्वारा करवा चौथ का त्योहार बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म के अनुसार यह दिन विवाहित महिलाओं के लिए बेहद शुभ माना जाता है। सुहागन महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और भगवान से अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं।
करवा चौथ सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक भी है। यह पर्व विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। सुबह से महिलाएं सजधज कर 16 श्रृंगार करती हैं और दिनभर बिना पानी के व्रत रखती हैं। शाम को चांद देखने के बाद ही वे व्रत तोड़ती हैं।
ज्योतिषाचार्य ने बताया — कब दिखेगा चांद
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित शिव कुमार शर्मा, जो स्व. पंडित कल्याण स्वरूप शास्त्री के पुत्र हैं, ने बताया कि इस बार चांद देशभर में अलग-अलग समय पर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि अगर मौसम साफ रहा, तो पंजाब और आसपास के इलाकों में चांद देखने का समय इस प्रकार रहेगा —
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जालंधर: रात 8:09 बजे
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अमृतसर: रात 8:15 बजे
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चंडीगढ़ और पंचकूला: 8:10 बजे
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पटियाला: 8:13 बजे
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लुधियाना: 8:11 बजे
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फिरोजपुर: 8:18 बजे
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फरीदकोट और बठिंडा: 8:19 बजे
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मोगा: 8:17 बजे
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फाजिल्का: 8:22 बजे
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मुक्तसर: 8:20 बजे
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रोहतक: 8:16 बजे
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दिल्ली: 8:14 बजे
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अंबाला: 8:11 बजे
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कुरुक्षेत्र और करनाल: 8:12 बजे
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जयपुर: 8:25 बजे
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अजमेर: 8:31 बजे
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उदयपुर: 8:38 बजे
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अहमदाबाद: 8:35 बजे
प्यार और आस्था का पर्व
शाम को महिलाएं सजी हुई थालियों में दीप जलाकर चांद की पूजा करेंगी। चांद के दर्शन के बाद वे छलनी से अपने पति को देखकर उन्हें पानी पिलाकर व्रत खोलेंगी।
यह त्योहार न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार, विश्वास और एकता को मजबूत करने वाला पर्व भी है। देशभर में मंदिरों, घरों और छतों पर आज करवा चौथ की रौनक देखते ही बन रही है।
