हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या का मामला लगातार चर्चा में है। अब इस मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी और हरियाणा सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव डी. सुरेश ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस घटना को लेकर हरियाणा पुलिस के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
डी. सुरेश का सवाल — “गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?”
डी. सुरेश ने पूरन कुमार की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत कुमार से मुलाकात की और मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा —
“आखिर चंडीगढ़ पुलिस ने अब तक हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को गिरफ्तार क्यों नहीं किया? जब साफ-साफ आरोप हैं कि उन्होंने पूरन कुमार को आत्महत्या के लिए उकसाया।”
उन्होंने कहा कि “यह केवल एक अधिकारी की मौत नहीं, बल्कि न्याय और समानता के अधिकारों की परीक्षा है। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जो अधिकार दिए, उन्हें सम्मानपूर्वक लागू किया जाना चाहिए।”
दलित अधिकारियों के साथ भेदभाव का आरोप
डी. सुरेश ने कहा कि “शत्रुजीत कपूर जैसे अधिकारी दलित समुदाय के अधिकारियों से भेदभाव करते हैं और उन्हें परेशान करने का काम करते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कपूर और रोहतक के एसपी ने मिलकर वाई पूरन कुमार पर दबाव बनाया, जिससे उन्होंने यह कदम उठाया।
डी. सुरेश ने कहा कि यह मामला राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का मुद्दा है, और अब पूरा दलित समाज यह सवाल पूछ रहा है कि गिरफ्तारी क्यों टाली जा रही है।
SIT करेगी जांच
इस मामले की जांच के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने 6 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है।
इस टीम की अगुवाई आईजी पुष्पेंद्र कुमार कर रहे हैं। टीम में शामिल हैं —
- आईपीएस कंवरदीप कौर
- एसपी सिटी केएम प्रियंका
- डीएसपी ट्रैफिक चरणजीत सिंह
- सीपीएस गुरजीत कौर
- इंस्पेक्टर जयरवीर सिंह राणा
यह टीम मामले से जुड़ी हर पहलू की जांच करेगी और जल्द रिपोर्ट पेश करेगी।
मामले की पृष्ठभूमि
पूर्व आईपीएस वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने पूरे हरियाणा प्रशासनिक ढांचे को हिला दिया है। उनकी पत्नी आईएएस अमनीत कुमार ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि उनके पति को वरिष्ठ अधिकारियों की मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी, जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या की।
अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। डी. सुरेश के आरोपों ने सरकार और पुलिस विभाग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी जांच से उम्मीद की जा रही है कि सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
जनता और प्रशासनिक हलकों में अब यही चर्चा है — क्या डीजीपी शत्रुजीत कपूर और अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, या यह मामला भी लंबी जांच में उलझ जाएगा?
