पंजाब में श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को लेकर पूरे राज्य में जोश और श्रद्धा का माहौल है। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए पंजाब सरकार बड़े स्तर पर तैयारियाँ कर रही है। राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अपने कैबिनेट साथियों के साथ फरीदकोट, मोगा, लुधियाना, फिरोजपुर और फतेहगढ़ साहिब जिलों में समीक्षा बैठकें कीं। इन बैठकों में नगर कीर्तन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद स. हरजोत सिंह बैंस, लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ., पर्यटन मंत्री तरुनप्रीत सौंद और सलाहकार दीपक बाली ने बताया कि मालवा क्षेत्र से दो प्रमुख नगर कीर्तन आयोजित किए जाएंगे। पहला नगर कीर्तन फरीदकोट से शुरू होकर फिरोजपुर, मोगा, लुधियाना और फतेहगढ़ साहिब से गुज़रेगा, जबकि दूसरा तख़्त श्री दमदमा साहिब से प्रारंभ होकर 22 नवम्बर की शाम श्री आनंदपुर साहिब पहुँचेगा। दोनों नगर कीर्तन मार्गों पर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और ठहरने की पूरी व्यवस्था की जा रही है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में नगर कीर्तन को “गार्ड ऑफ ऑनर” दिया जाएगा। इसके साथ ही, 1 से 18 नवम्बर तक पंजाब के सभी 23 जिलों में लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए जाएंगे, जिनमें गुरु तेग बहादर साहिब जी के जीवन, बलिदान और उनके साथियों भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दियाला जी की वीरता को दर्शाया जाएगा। इसके अलावा, गुरु साहिब की चरण छोह प्राप्त 130 पवित्र स्थलों पर कीर्तन दरबार भी लगाए जाएंगे।
स. बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार “हिंद की चादर” कार्यक्रम के तहत गुरु तेग बहादर साहिब जी की शहादत को श्रद्धांजलि देने के लिए इस दिवस को ऐतिहासिक बनाना चाहती है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में सड़कों की मरम्मत, रोशनी, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का काम तेज़ी से जारी है ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
मुख्य धार्मिक आयोजन 23 से 25 नवम्बर तक श्री आनंदपुर साहिब में होंगे, जहाँ देश-विदेश से एक करोड़ से अधिक संगतों के पहुँचने की संभावना है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए “चक्क नानकी” में टेंट सिटी बनाई जा रही है, जहाँ रोज़ाना 11,000 से अधिक श्रद्धालु रह सकेंगे। टेंट सिटी में बिजली, पानी, चिकित्सा और भोजन की पूरी व्यवस्था होगी।
मंत्री बैंस ने कहा कि गुरु तेग बहादर साहिब जी का 350वां शहीदी दिवस सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानवता और एकता का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से इन ऐतिहासिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उनके अनुसार, गुरु तेग बहादर साहिब जी की शहादत हमें सहिष्णुता, सत्य और धर्म की रक्षा के लिए प्रेरित करती है।
मंत्रियों ने मोगा जिला प्रशासन को 31 अक्टूबर तक राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस लेन और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए, ताकि नगर कीर्तन के दौरान यातायात सुचारू रहे।
यह अवसर न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि पंजाब की संस्कृति, भाईचारे और समर्पण की भावना का भी जीवंत उदाहरण बनेगा।
