अजनाला में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आयोजित मुआवजा वितरण समारोह में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अब समय है कि बाढ़ में दुख झेल चुके लोगों के जख्मों पर मरहम लगाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, “परमात्मा का भाण है, इस पर किसी का वश नहीं, लेकिन अब हमारा फर्ज है कि प्रभावित लोगों की मदद करें।”
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि उन्होंने 11 सितंबर 2025 को वादा किया था कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा और मात्र 32 दिनों में इसका वितरण शुरू कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित किसानों को पहली बार प्रति एकड़ 20 हजार रुपये के रूप में मुआवजा दिया जा रहा है, जो देश के इतिहास में एक अनोखी पहल है।
मुआवजा वितरण में ऐतिहासिक कदम
भगवंत मान ने कहा कि पहले बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं में मुआवजा बहुत कम राशि का आता था, कभी-कभी 25 से 37 रुपये के चेक दिए जाते थे। इसके अलावा, जिन लोगों को वास्तव में नुकसान नहीं हुआ था, उन्हें मुआवजा मिल जाता था, जबकि नुकसान उठाने वालों को पैसा नहीं मिलता था।
इस बार सरकार ने किसानों और प्रभावित परिवारों के लिए साफ-सुथरा और ऐतिहासिक मुआवजा योजना लागू की है। अजनाला में ही 3 करोड़ 84 लाख रुपये घरों के लिए, 1 करोड़ 16 लाख रुपये फसलों के लिए और 73 लाख रुपये पशुओं के नुकसान के लिए जारी किए गए हैं।
बाढ़ से हुए नुकसान का विवरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ से पंजाब में बड़ा नुकसान हुआ। 32 हजार सरकारी स्कूलों के मलबे में तबदील होने, लगभग 250 छोटे-बड़े पुलों के टूटने, कई कॉलेज और अस्पताल प्रभावित होने की जानकारी दी। इसके अलावा 60 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, और 5 लाख एकड़ से अधिक फसलें नष्ट हो गई हैं।
भगवंत मान ने कहा कि संकटकाल में भी पंजाब के किसान 170 लाख मेट्रिक टन धान देश को देंगे और अब गेहूं की फसल तैयार है।
सभी प्रभावितों तक पहुंच सुनिश्चित
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और वे खुद पुनः गांवों का दौरा करेंगे। यदि कोई गांव बचे रह जाते हैं, तो वहां भी पहुंचकर मदद करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सरकार का फर्ज है, कोई एहसान नहीं।
स्कूली बच्चों की मदद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन बच्चों की किताबें और स्कूल का सामान बाढ़ में नष्ट हुआ है, उन्हें नया सामान उपलब्ध करवाया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
डीसी साक्षी साहनी की सराहना
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमृतसर की डीसी साक्षी साहनी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि डीसी साहनी ने बाढ़ पीड़ितों की सेवा में पूरी मेहनत और लगन दिखाई और देशभर में उनकी सराहना हो रही है।
