‘युद्ध नशों के खिलाफ’ मुहिम के 228वें दिन पंजाब पुलिस ने राज्यभर में 376 स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 75 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ 61 एफआईआर दर्ज की गई। अब तक कुल 33,080 नशा तस्कर इस मुहिम के तहत गिरफ्तार हो चुके हैं।
बरामदगी का ब्योरा
छापेमारियों के दौरान पुलिस ने तस्करों के कब्जे से 296 ग्राम हेरोइन, 497 ग्राम अफीम, 13 किलो भु्की, 1,164 नशे की गोलियां/कैप्सूल और 3,120 रुपये की ड्रग मनी बरामद की। यह बरामदगी यह दर्शाती है कि पुलिस न केवल तस्करों पर नजर रख रही है, बल्कि नशे की सप्लाई चैन को भी रोकने में सफल रही है।
टीम और निगरानी व्यवस्था
राज्यभर में इस ऑपरेशन में 71 गजटेड अधिकारियों की निगरानी रही। 1100 से अधिक पुलिसकर्मियों की 120 से अधिक टीमें इस कार्रवाई में शामिल हुईं। दिनभर चलने वाले इस ऑपरेशन में पुलिस ने 378 संदिग्ध व्यक्तियों की भी चेकिंग की।
नशा मुक्ति और पुनर्वास प्रयास
मुहिम के दौरान पुलिस ने 43 लोगों को नशा छोड़ने और पुनर्वास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राजी किया। यह कदम न केवल अपराधियों पर कार्रवाई का हिस्सा है, बल्कि नशे की लत से प्रभावित लोगों को समाज में पुनः स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
सरकारी और पुलिस प्रयासों का महत्व
पंजाब पुलिस का यह अभियान राज्य में नशा विरोधी लड़ाई को मजबूती देने के लिए चलाया जा रहा है। लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियों से नशा तस्करों और उनके नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है।
इस मुहिम से स्पष्ट हो गया है कि पंजाब पुलिस न केवल नशे की रोकथाम में सक्रिय है, बल्कि समाज को सुरक्षित बनाने और नशे की लत छुड़ाने के प्रयासों में भी लगातार लगी हुई है। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे, ताकि राज्य में नशे के कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
