पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों को डिजिटल युग के अनुरूप बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि राज्य के 3,600 सरकारी स्कूलों में करीब 8230 से अधिक इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल (IFPs) लगाए जाएंगे। इस परियोजना पर लगभग 98 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को अधिक रोचक, आधुनिक और प्रभावी बनाना है।
डिजिटल शिक्षा की नई शुरुआत
श्री बैंस ने बताया कि इन स्मार्ट इंटरएक्टिव पैनलों की मदद से कक्षाएं अब केवल ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रहेंगी। छात्र अब वीडियो, एनीमेशन और इंटरएक्टिव कंटेंट के माध्यम से कठिन विषयों को आसानी से समझ पाएंगे। इससे न सिर्फ बच्चों की रुचि बढ़ेगी, बल्कि शिक्षकों को भी पढ़ाने में नई ऊर्जा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। पंजाब सरकार चाहती है कि हर बच्चे को समान और विश्वस्तरीय शिक्षा मिले, चाहे वह शहर में पढ़ता हो या किसी दूरदराज़ गांव में।
शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव
यह डिजिटल पहल मार्च 2026 तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद राज्य भर के लाखों विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी। श्री बैंस ने कहा कि यह परियोजना सिर्फ तकनीकी उन्नति नहीं है, बल्कि यह बच्चों को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने का एक ठोस प्रयास है।
उन्होंने बताया कि ये इंटरएक्टिव पैनल 75-इंच के होंगे, जिनमें मल्टी-टच, हाई-डेफिनिशन डिस्प्ले, बिल्ट-इन स्पीकर, स्टाइलस पेन सपोर्ट और प्री-लोडेड लर्निंग टूल्स जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। इससे कक्षा में पढ़ाई और ज्यादा जीवंत और मनोरंजक हो जाएगी।
शिक्षकों को मिलेगी नई ताकत
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस परियोजना का एक बड़ा उद्देश्य शिक्षकों को भी नवीनतम शिक्षण तकनीकों से जोड़ना है। जब शिक्षक डिजिटल संसाधनों का उपयोग करेंगे, तो पढ़ाई और अधिक व्यवहारिक और प्रभावशाली बनेगी। इसके साथ ही छात्रों की समझ, सहभागिता और रचनात्मकता में भी वृद्धि होगी।
निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था
श्री बैंस ने बताया कि सभी उपकरणों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए एक विशेष मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (MIS) बनाया जाएगा, जिससे उपकरणों के उपयोग और कार्यप्रणाली पर नज़र रखी जाएगी। साथ ही एक केंद्रीकृत शिकायत निवारण डैशबोर्ड भी स्थापित किया जाएगा, जिससे किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि इन उपकरणों के लिए 5 साल की ऑन-साइट वारंटी, स्थानीय सेवा केंद्रों का नेटवर्क और पूर्ण बीमा कवरेज दिया जाएगा। यह बीमा चोरी, क्षति या प्राकृतिक आपदाओं के मामलों में सुरक्षा प्रदान करेगा।
