पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाल ही में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात करते हुए राज्य को दुनिया के सबसे आकर्षक निवेश स्थलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब अब केवल कृषि के क्षेत्र में नहीं, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक विकास के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बनता जा रहा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि “पंजाब अपार संभावनाओं की भूमि है” — यहां निवेश करने वाले उद्यमियों को हर संभव सहयोग और सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि राज्य में आपसी भाईचारा, शांति और सद्भाव का माहौल है, जो किसी भी उद्योग के लिए सबसे मज़बूत नींव है।
भगवंत मान ने कहा कि बिजली आर्थिक विकास का इंजन है, और पंजाब सरकार ने इसे प्राथमिकता दी है। आज राज्य में घरेलू, व्यावसायिक और कृषि — तीनों क्षेत्रों को निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जा रही है। उन्होंने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे पंजाब के मजबूत बुनियादी ढांचे, कुशल श्रमिकों और बेहतर औद्योगिक माहौल का लाभ उठाते हुए अपने कारोबार का विस्तार करें।
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को “प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026” में शामिल होने का निमंत्रण दिया, जो आगामी 13 से 15 मार्च 2026 तक मोहाली में आयोजित होगा। इस सम्मेलन में देश-विदेश के उद्योगपति, नीति निर्माता और शोधकर्ता शामिल होंगे, ताकि पंजाब को एक नए औद्योगिक युग की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह मंच न केवल विचारों के आदान-प्रदान के लिए, बल्कि साझेदारी और सहयोग के अवसर तलाशने के लिए भी एक शानदार अवसर होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की पहचान उसकी मेहनतकश जनता और उद्यमी सोच से है। यह राज्य हमेशा से भारत का “अन्न भंडार” रहा है, लेकिन अब यह औद्योगिक क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले तीन वर्षों में पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में बड़े बदलाव देखे गए हैं। अब पंजाब फूड प्रोसेसिंग, वस्त्र, ऑटो पार्ट्स, हैंड टूल्स, साइकिल, आईटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
भगवंत मान ने बताया कि मार्च 2022 से अब तक राज्य को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 4.7 लाख से अधिक रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है। यह आंकड़ा पंजाब के विकास की नई कहानी बयां करता है। उन्होंने गर्व से कहा कि पंजाब अब नेस्ले, क्लास, फ्रायडनबर्ग, कारगिल, डैनोन और वरबियो जैसी कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का घर बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, यूएई, स्विट्ज़रलैंड और स्पेन जैसे देशों के निवेशकों ने पंजाब पर भरोसा जताया है। इससे यह साफ है कि पंजाब अब सिर्फ भारत के नहीं, बल्कि विदेशी निवेशकों के लिए भी पसंदीदा गंतव्य बन गया है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा — “यह तो बस शुरुआत है। आने वाले वर्षों में पंजाब निवेश, रोजगार और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनेगा। हमारी सरकार हर निवेशक को सुरक्षा, स्थिरता और भरोसे का माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है।”
इस तरह पंजाब आज नई औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़ रहा है, जहां विकास, अवसर और साझेदारी एक नई कहानी लिखने को तैयार हैं।
