देश के बड़े शहरों में अब मिडिल क्लास के लिए रहना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो शहरों में औसत मासिक आय जहां करीब ₹25,000 से ₹30,000 के बीच है, वहीं 1BHK फ्लैट का किराया ही ₹20,000 या उससे अधिक हो गया है। यानी कमाई का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ किराए में चला जाता है।
लिंक्डइन पोस्ट से शुरू हुई बहस
लिंक्डइन पर एक्सपर्ट की एक पोस्ट ने इस मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है। उन्होंने लिखा कि भारत के बड़े शहरों में आम लोगों की जिंदगी दिन-ब-दिन मुश्किल होती जा रही है। खासकर हाउस रेंट की कीमतें जिस तेजी से बढ़ रही हैं, वह मध्यम वर्ग के लिए चिंता का विषय बन चुकी हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली और हैदराबाद जैसे शहरों में रोजमर्रा की जिंदगी का खर्च अब आम सैलरी के मुकाबले कहीं ज्यादा बढ़ चुका है।
मुंबई सबसे महंगा शहर
रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई में औसत सैलरी ₹25,000 के आसपास है, जबकि 1BHK का किराया ₹20,000 या उससे भी ज्यादा पहुंच चुका है। यानी किराए के बाद व्यक्ति के पास बाकी खर्चों के लिए मुश्किल से कुछ बचता है।
खाने-पीने से लेकर ट्रांसपोर्ट और बच्चों की पढ़ाई तक — हर चीज का खर्च बढ़ गया है। ऐसे में बचत करना या भविष्य की योजना बनाना लगभग नामुमकिन हो गया है।
दूसरे शहरों की भी यही कहानी
मुंबई ही नहीं, बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद और अहमदाबाद में भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं।
बेंगलुरु में औसत सैलरी ₹28,000 से ₹30,000 के बीच है, जबकि 1BHK का किराया ₹18,000 से ₹20,000 तक पहुंच गया है।
दिल्ली-एनसीआर में तो स्थिति और भी कठिन है, जहां प्रॉपर्टी रेट्स और किराए दोनों आसमान छू रहे हैं।
बढ़ा किराया, पर सैलरी ठहरी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पिछले कुछ सालों में किराया और मकान की कीमतों में 30-40% तक की वृद्धि हुई है, जबकि सैलरी में इजाफा बेहद धीमा रहा है।
नौकरियों की संख्या बढ़ने के बावजूद, ज्यादातर कंपनियां औसतन 5-8% से ज्यादा वेतन नहीं बढ़ा रहीं।
क्या अब मेट्रो शहरों में रहना सही फैसला है?
इन परिस्थितियों में कई युवा और कामकाजी लोग सोच रहे हैं कि क्या मेट्रो शहरों में रहना अब आर्थिक रूप से सही है?
कई लोगों ने छोटे शहरों या सेमी-मेट्रो इलाकों में शिफ्ट होकर रिमोट वर्क करने का विकल्प चुना है। इससे न केवल खर्च कम होता है, बल्कि जीवन भी अधिक संतुलित महसूस होता है।
