जिले की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रज्ञा जैन के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस प्रशासन ने दिवाली के मौके पर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाली एक मिठाई फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने 18 क्विंटल (50 किलो) नकली मिठाइयों को जब्त किया, जिन्हें बेहद गंदे तरीके से बनाया जा रहा था। इस कार्रवाई के बाद शहरवासियों को राहत मिली है।
छापेमारी की जगह और गुप्त सूचना
डीएसपी सब-डिवीजन तरलोचन सिंह के नेतृत्व में शहर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर गुरु तेग बहादुर नगर स्थित इस मिठाई फैक्ट्री पर छापा मारा।
स्थानीय एसपी मनविंदर बीर सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि इस फैक्ट्री में लोगों की सेहत को खतरे में डालते हुए मिठाइयाँ बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान भारी मात्रा में नकली मिठाइयाँ तैयार की जा रही थीं और उनके नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
कानूनी कार्रवाई और जुर्माना
फ़ूड सेफ्टी अधिकारी हरविंदर सिंह ने बताया कि इस फैक्ट्री के मालिक नरिंदर कुमार हैं। पहले ही सफाई का उचित प्रबंध न होने के कारण फ़ूड सेफ्टी एक्ट की धारा 56 के तहत चालान काटा गया था। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जब्त सामग्री और स्वास्थ्य खतरा
जाँच में यह पता चला कि फैक्ट्री में 115.5 किलो मिल्क केक, 180 किलो बर्फी खोया और 16 क्विंटल सोना पापड़ी बनाई जा रही थी। यह सामग्री स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानी जा रही है। फ़ूड सेफ्टी अधिकारी ने चेताया कि ऐसे पदार्थों का सेवन गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
आगे की जांच जारी
पुलिस प्रशासन और फ़ूड सेफ्टी विभाग ने यह भी बताया कि शहर में इस तरह की और भी फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी। उनका उद्देश्य है कि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए।
