सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, खासकर सीनियर सिटीज़न यानी बुजुर्गों को निशाना बनाया जा रहा है। इसे देखते हुए Meta (जो WhatsApp, Instagram और Facebook की पैरेंट कंपनी है) ने सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए कई नए फीचर्स लॉन्च किए हैं। कंपनी का कहना है कि इन फीचर्स की मदद से यूजर्स स्कैम से बच सकेंगे और उन्हें ऑनलाइन सेफ्टी के बारे में जागरूक किया जाएगा।
WhatsApp पर आया नया सेफ्टी फीचर
Meta ने WhatsApp के लिए एक खास सुरक्षा फीचर जोड़ा है। अब अगर कोई यूजर किसी अनजान व्यक्ति के साथ वीडियो कॉल के दौरान स्क्रीन शेयर करने की कोशिश करेगा, तो WhatsApp तुरंत अलर्ट दिखाएगा।
दरअसल, हाल के महीनों में “डिजिटल अरेस्ट” जैसे कई मामले सामने आए हैं, जहां स्कैमर्स वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डराकर पैसे ऐंठ लेते हैं। ऐसे में यह नया फीचर बहुत मददगार साबित हो सकता है।
इसके अलावा, Meta अपने दूसरे प्लेटफॉर्म Messenger पर एक AI-पावर्ड स्कैम डिटेक्शन टूल भी तैयार कर रही है। इस टूल से यूजर्स किसी नए कॉन्टैक्ट के साथ हो रही चैट को AI रिव्यू के लिए भेज सकेंगे। अगर सिस्टम को कोई संदिग्ध गतिविधि या ठगी जैसी बात नजर आती है, तो वह यूजर को तुरंत गाइडेंस और अलर्ट देगा ताकि वे किसी जाल में न फंसें।
Passkey सपोर्ट से बढ़ेगी लॉगिन सुरक्षा
Meta ने अपने सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म्स — Facebook, WhatsApp और Messenger — के लिए अब Passkey (पासकी) सपोर्ट शुरू कर दिया है।
इस फीचर के जरिए यूजर अब पासवर्ड टाइप करने की बजाय फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या डिवाइस-लेवल ऑथेंटिकेशन से लॉगिन कर पाएंगे। इससे अकाउंट को हैक या चोरी करना और भी मुश्किल हो जाएगा।
कंपनी ने यूजर्स को यह भी सलाह दी है कि वे Facebook और Instagram पर “Security Checkup” और WhatsApp पर “Privacy Checkup” का इस्तेमाल जरूर करें, ताकि अपने अकाउंट की सुरक्षा की स्थिति जांच सकें।
सरकार के साथ मिलकर चलेगा ‘स्कैम से बचो’ अभियान
Meta सिर्फ फीचर्स ही नहीं, बल्कि जागरूकता के लिए भी कदम उठा रही है। कंपनी ने बताया कि वह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ मिलकर एक बड़ा कैंपेन शुरू करेगी, जिसका नाम है “स्कैम से बचो”।
इस अभियान में खासतौर पर सीनियर सिटीज़न को फोकस किया जाएगा। इसके तहत वीडियो कंटेंट के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि ऑनलाइन स्कैम को कैसे पहचानें और उनसे कैसे बचें।
इसके अलावा, Meta “सक्षम सीनियर” नामक एक और कार्यक्रम को भी सपोर्ट करेगी। इस अभियान का मकसद बुजुर्गों को डिजिटल लिटरेसी यानी तकनीकी साक्षरता सिखाना और उन्हें ऑनलाइन सेफ्टी से जुड़ी ट्रेनिंग देना है।
क्या फायदा होगा यूजर्स को?
इन सभी फीचर्स और अभियानों का मुख्य उद्देश्य यूजर्स को सुरक्षित बनाना है — खासकर उन लोगों को जो तकनीक में बहुत निपुण नहीं हैं।
- स्क्रीन शेयर अलर्ट उन्हें ठगी से बचाएगा।
- AI स्कैम डिटेक्शन टूल चैट में संभावित धोखाधड़ी को पहचान लेगा।
- और पासकी लॉगिन सिस्टम से अकाउंट को हैक करना लगभग नामुमकिन होगा।
Meta ने यह साबित कर दिया है कि वह अपने यूजर्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। आने वाले दिनों में जब ये सभी फीचर्स पूरी तरह लागू हो जाएंगे, तो WhatsApp, Instagram और Facebook पर चैटिंग पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद हो जाएगी।
