पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए बड़ा राहत कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को राज्य के उन किसानों के लिए दो लाख क्विंटल गेहूं के बीज मुफ्त देने की घोषणा की, जिनकी फसल हाल ही में आई बाढ़ के दौरान पूरी तरह नष्ट हो गई थी। इस योजना के तहत सात ट्रकों में भरकर बीज की पहली खेप को मुख्यमंत्री ने खुद हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
किसानों के साथ सरकार की एकजुटता
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में आई बाढ़ ने पंजाब के किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
सरकार ने बाढ़ से प्रभावित लगभग पांच लाख एकड़ जमीन पर फसल गंवाने वाले किसानों की मदद के लिए 74 करोड़ रुपये की लागत से यह बीज वितरण योजना शुरू की है। उन्होंने कहा कि बीज वितरण की प्रक्रिया तेजी से जारी है और जल्द ही सभी जिलों में पूरी कर ली जाएगी।
पंजाब के मेहनती किसानों की सराहना
मान ने कहा कि पंजाब के किसानों ने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से आई तबाही के बावजूद पंजाब के किसान हिम्मत नहीं हारे हैं और अब वे आगामी रबी सीजन में नई फसल की तैयारी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार की यह पहल किसानों को हौसला देने और उन्हें फिर से खड़ा करने की दिशा में छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।”
बाढ़ से भारी तबाही का खुलासा
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ के कारण पंजाब को इतना बड़ा नुकसान पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब तक की रिपोर्टों के अनुसार 2,300 से अधिक गांव डूब गए, 20 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए और 5 लाख एकड़ में फसलें नष्ट हो गईं।
मान ने दुख जताया कि इस प्राकृतिक आपदा में 56 लोगों की जान चली गई, जबकि करीब 7 लाख लोग बेघर हो गए हैं।
स्कूल, अस्पताल और सड़कें भी तबाह
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ से 3,200 सरकारी स्कूलों को नुकसान, 19 कॉलेजों का ढांचा पूरी तरह ढह गया, 1,400 क्लीनिक और अस्पताल बर्बाद हुए, वहीं 8,500 किलोमीटर सड़कें और 2,500 पुल भी टूट गए हैं।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, पंजाब को 13,800 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, हालांकि वास्तविक आंकड़ा इससे ज्यादा होने की संभावना है।
किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को दोबारा खड़ा करने और उनके खेतों को फिर से उपजाऊ बनाने के लिए हर संभव मदद करेगी।
“हम अपने किसानों को अकेला नहीं छोड़ेंगे। यह बीज सिर्फ राहत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का प्रतीक है,” उन्होंने कहा।
