चुनाव आयोग ने विशेष इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर अहम फैसला लिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि बिहार में SIR को सफलतापूर्वक लागू करने के बाद अब इसका दूसरा चरण देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में उन्होंने छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए बिहार के 7.5 करोड़ मतदाताओं को नमन किया और कहा कि बिहार में SIR के अनुभव से अन्य राज्यों को भी सीखने का मौका मिलेगा।
योग्य मतदाताओं को जोड़ना, फर्जी नाम हटाना मुख्य लक्ष्य
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि SIR का मुख्य उद्देश्य है — योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करना और अयोग्य या दोहराए गए नामों को हटाना।
उन्होंने कहा कि 1951 से 2004 के बीच आठ बार इस तरह के पुनरीक्षण किए जा चुके हैं, लेकिन राजनीतिक दलों की यह शिकायत हमेशा रही है कि मतदाता सूचियों में कई त्रुटियाँ मौजूद हैं।
इस अभियान से आयोग का लक्ष्य है कि हर योग्य नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में हो और कोई भी गलत प्रविष्टि न रहे।
मतदाता सूची आज रात से फ्रीज
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि जिन राज्यों में SIR का दूसरा चरण शुरू होगा, वहाँ की मतदाता सूची आज रात 12 बजे से फ्रीज कर दी जाएगी।
इसका मतलब है कि अब उसी सूची को आधार बनाकर संशोधन और सत्यापन का कार्य किया जाएगा।
हर बूथ पर एक BLO (Booth Level Officer) और हर विधानसभा क्षेत्र में एक ERO (Electoral Registration Officer) की नियुक्ति होगी, जो इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
घर-घर जाकर होगी मतदाताओं की जानकारी की जांच
चुनाव आयोग ने कहा कि प्रत्येक BLO कम से कम तीन बार हर घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्र करेगा।
इसके अलावा, जो मतदाता अपने क्षेत्र से बाहर हैं या व्यक्तिगत रूप से जानकारी नहीं दे सकते, वे यह प्रक्रिया ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से पूरी कर सकते हैं।
इस बार किसी अतिरिक्त दस्तावेज या अलग फॉर्म की आवश्यकता नहीं होगी — जिससे पूरी प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है।
डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया से बढ़ेगा भरोसा
चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि इस बार इन्यूमेरेशन फॉर्म (EF) आज ही प्रिंट किए जा रहे हैं।
आयोग का मानना है कि यह अभियान डिजिटल पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुद्धता की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
