भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए अक्टूबर 2025 बेहद शानदार महीना साबित हुआ। जीएसटी 2.0 लागू होने और नवरात्रि-दिवाली के त्योहारी सीजन के चलते गाड़ियों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। खासकर टाटा मोटर्स के लिए यह महीना ऐतिहासिक रहा। सुरक्षित और मजबूत गाड़ियाँ बनाने के लिए मशहूर यह कंपनी अब बिक्री के मामले में भी बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ रही है।
बिक्री में रिकॉर्ड बढ़त, नंबर 2 पर टाटा
Vahan Data के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, टाटा मोटर्स ने अक्टूबर में 74,705 यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री की है। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 66,800 यूनिट्स और हुंडई ने 65,045 यूनिट्स वाहनों की बिक्री दर्ज की। इस प्रदर्शन के साथ टाटा मोटर्स अब भारत की दूसरी सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल निर्माता कंपनी बन गई है।
81% की जबरदस्त महीने-दर-महीने वृद्धि
टाटा मोटर्स की ग्रोथ ग्राफ लगातार ऊपर की ओर बढ़ रही है। अगस्त में कंपनी ने 38,286 यूनिट्स बेचे थे, जो सितंबर में बढ़कर 41,151 यूनिट्स हो गए। लेकिन असली धमाका अक्टूबर में हुआ, जब कंपनी ने 81% की मासिक वृद्धि दर्ज की। यह उछाल त्योहारों के मौसम और जीएसटी कटौती से आई कीमतों में कमी के चलते आया। टाटा की नेक्सॉन, पंच और हैरियर जैसी कारों की भारी डिमांड ने कंपनी की बिक्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।
महिंद्रा और हुंडई रह गईं पीछे
इस बार की रेस में टाटा मोटर्स ने अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्वियों को भी खासा अंतर से पछाड़ दिया। कंपनी ने महिंद्रा से 7,905 यूनिट्स और हुंडई से 9,660 यूनिट्स ज़्यादा बिक्री की। इससे साफ है कि टाटा अब केवल प्रोडक्ट क्वालिटी में ही नहीं, बल्कि ग्राहकों के भरोसे और मार्केट पोज़िशनिंग में भी आगे निकल चुकी है।
प्रतिस्पर्धा जारी, लेकिन टाटा सबसे आगे
महिंद्रा और हुंडई ने भी अक्टूबर में अपनी बिक्री में जबरदस्त सुधार दिखाया। महिंद्रा की रिटेल बिक्री सितंबर के 37,659 यूनिट्स से बढ़कर 66,800 यूनिट्स हुई — यानी 77% की वृद्धि। वहीं हुंडई ने 35,812 से छलांग लगाकर 65,045 यूनिट्स की बिक्री की, यानी 81% की शानदार बढ़त।
टाटा की रणनीति बनी विजेता
अक्टूबर के आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि भारतीय पैसेंजर व्हीकल मार्केट में अब मुकाबला बेहद कड़ा हो चुका है। लेकिन फिलहाल, टाटा मोटर्स ने अपनी रणनीति, भरोसे और प्रदर्शन के दम पर साबित कर दिया है कि वो भारतीय उपभोक्ताओं की पहली पसंद बन चुकी है।
