भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) ने Google Chrome उपयोगकर्ताओं के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने कहा है कि गूगल क्रोम के डेस्कटॉप वर्जन में कई खतरनाक सुरक्षा खामियां (Vulnerabilities) पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स यूज़र्स का डेटा चुरा सकते हैं या उनके सिस्टम पर रिमोट कंट्रोल हासिल कर सकते हैं। ये खामियां Windows, Mac और Linux सभी ऑपरेटिंग सिस्टम को प्रभावित कर सकती हैं।
CERT-In ने जारी की हाई-लेवल सिक्योरिटी वार्निंग
CERT-In ने अपने ताजा एडवाइजरी में बताया है कि क्रोम ब्राउज़र के कुछ वर्जन में ऐसी कमजोरियां पाई गई हैं, जिनके जरिए रिमोट अटैकर (Remote Attacker) आपके कंप्यूटर पर खतरनाक कोड रन कर सकता है, सुरक्षा नियमों को बायपास कर सकता है, संवेदनशील डेटा चोरी कर सकता है या फिशिंग व स्पूफिंग जैसे हमले कर सकता है।
एजेंसी ने इसे “हाई सिक्योरिटी अलर्ट” की श्रेणी में रखा है और कहा है कि यह खतरा न केवल सामान्य यूजर्स बल्कि कॉर्पोरेट या सरकारी संगठनों के लिए भी गंभीर साबित हो सकता है।
इन वर्जन में है खतरा
CERT-In ने उन वर्जनों की सूची भी जारी की है जिनमें ये खामियां पाई गई हैं —
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Linux : 142.0.7444.59 से पहले के सभी वर्जन
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Windows और Mac : 142.0.7444.59/60 से पहले के वर्जन
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Mac : 142.0.7444.60 से पहले के वर्जन
यदि आप इनमें से किसी पुराने वर्जन का उपयोग कर रहे हैं, तो आपका सिस्टम हैकिंग और डेटा चोरी के खतरे में है।
एजेंसी ने दी यह सलाह
CERT-In ने सभी यूजर्स से तुरंत अपना गूगल क्रोम अपडेट करने की अपील की है। एजेंसी ने कहा कि गूगल ने पहले ही इन कमजोरियों को ठीक करने के लिए सुरक्षा पैच और अपडेट्स जारी कर दिए हैं। अगर यूजर्स अपडेट नहीं करते हैं, तो उनके सिस्टम साइबर अटैक के निशाने पर रहेंगे।
एजेंसी ने सुझाव दिया कि यूजर्स को अपने ब्राउज़र में जाकर यह जांचना चाहिए कि वे कौन-सा वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसा करने के लिए यूजर को:
Settings → Help → About Google Chrome
पर क्लिक करना होगा। यदि नया अपडेट उपलब्ध है, तो यह अपने आप डाउनलोड होना शुरू हो जाएगा। इसके बाद ब्राउज़र को रीस्टार्ट करें, ताकि अपडेट लागू हो सके।
साइबर हमलों से बचने के लिए ये टिप्स अपनाएं
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हमेशा अपने ब्राउज़र और सॉफ्टवेयर को नवीनतम वर्जन पर अपडेट रखें।
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संदिग्ध वेबसाइट या लिंक पर क्लिक न करें।
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अनजान ईमेल अटैचमेंट्स को डाउनलोड करने से बचें।
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नियमित रूप से अपने डेटा का बैकअप रखें।
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एक भरोसेमंद एंटीवायरस या सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें।
क्यों जरूरी है यह अपडेट?
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि हैकर्स अब पहले से ज्यादा एडवांस्ड तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक छोटी सी कमजोरी भी आपके सिस्टम को पूरी तरह से असुरक्षित बना सकती है। इसलिए Google Chrome का नया अपडेट इंस्टॉल करना आपकी ऑनलाइन सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
