मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लगातार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सरकार ने शिक्षकों के शैक्षिक और नेतृत्व कौशल को निखारने के लिए 50 हेडमास्टरों के चौथे बैच को प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) अहमदाबाद में विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजा है।
‘लीडरशिप और मेंटरशिप स्किल्स’ पर एक सप्ताह का कार्यक्रम
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह चौथा बैच 3 से 7 नवंबर 2025 तक चलने वाले “लीडरशिप एंड मेंटरशिप स्किल्स” प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूल प्रमुखों को ऐसा नेतृत्वकर्ता बनाना है, जो अपने विद्यालयों में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें और अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत बनें।
दिसंबर में जाएगा पांचवां बैच
शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि पंजाब सरकार ने यह निर्णय लिया है कि 15 से 19 दिसंबर 2025 तक पांचवां बैच भी IIM अहमदाबाद में प्रशिक्षण प्राप्त करेगा। यह कदम मुख्यमंत्री मान की उस दृष्टि का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य के शिक्षकों को वैश्विक शिक्षा और प्रबंधन कौशल से लैस किया जा रहा है, ताकि स्कूलों में उच्च स्तरीय शिक्षण पद्धतियाँ लागू की जा सकें।
सिंगापुर और फ़िनलैंड तक पहुंची पंजाब की शिक्षा
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि अब तक पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा
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234 प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों को सिंगापुर,
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152 हेडमास्टरों को IIM अहमदाबाद और
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144 प्राथमिक स्कूल शिक्षकों को फ़िनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ टुर्कू भेजा जा चुका है।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य पंजाब के शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षण अनुभवों और आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है, ताकि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी जा सके।
शिक्षा में रणनीतिक निवेश का हिस्सा
शिक्षा मंत्री बैंस ने कहा कि शिक्षकों को IIM अहमदाबाद जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में भेजना, पंजाब सरकार की रणनीतिक शिक्षा नीति का अहम हिस्सा है। प्रशिक्षित शिक्षक अपने स्कूलों में न केवल बेहतर प्रबंधन करेंगे, बल्कि अपने साथियों को भी नई शिक्षण विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। इससे विद्यार्थियों के अकादमिक विकास और भविष्य निर्माण में बड़ा बदलाव आएगा।
सरकार की दूरदर्शी सोच
स्कूल शिक्षा विभाग की प्रबंधकीय सचिव अनिंदिता मित्रा ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंजाब में दूरदर्शी शैक्षिक नेतृत्वकर्ताओं की नई पीढ़ी तैयार कर रहा है। इससे राज्य के शिक्षक 21वीं सदी की शिक्षण चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार होंगे और हर विद्यार्थी के लिए उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
