मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब कॉलोनी विकसित करने के लिए लाइसेंस हासिल करने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बना दी गई है।
मकान निर्माण और शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि विभाग ने कॉलोनी विकास के लाइसेंस जारी करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया है। इस SOP के तहत पूरी प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा गया है —
एल.ओ.आई (Letter of Intent) जारी करना — 30 दिन में
लाइसेंस जारी करना — अगले 30 दिन में
इस तरह, किसी भी प्रोजेक्ट के लिए आवेदन देने की तारीख से सिर्फ 60 दिनों में लाइसेंस जारी करने की समय सीमा तय कर दी गई है।
समयबद्ध व्यवस्था से खत्म होगी देरी
हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि पहले लाइसेंस प्रक्रिया लंबी और जटिल थी, जिससे प्रमोटरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अलग-अलग विभागों के कारण फाइलें महीनों तक अटकी रहती थीं। अब SOP लागू होने के बाद यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी होगी।
उन्होंने बताया कि अब हर शाखा — जैसे प्लानिंग, अकाउंट्स, लाइसेंसिंग, आदि — और संबंधित विभागों जैसे पीपीसीबी (प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड), पीएसपीसीएल (पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड), वन विभाग, ड्रेनेज, एनएचएआई/पीडब्ल्यूडी आदि को स्पष्ट समय सीमा के भीतर अपने हिस्से का काम पूरा करना होगा।
अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी जानबूझकर देरी करेगा, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निवेशकों और प्रमोटरों के लिए बड़ी राहत
सरकार का यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊर्जा देगा। अब निवेशक और प्रमोटर बिना किसी अनावश्यक देरी या परेशानियों के अपनी कॉलोनियों के विकास कार्य को तेजी से शुरू कर सकेंगे। इससे न सिर्फ निर्माण कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
मंत्री मुंडियां ने कहा कि मान सरकार पहले भी इस सेक्टर में सुधार के कई कदम उठा चुकी है। नई SOP लागू होने से अब प्रमोटरों की परेशानी कम होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और पंजाब में रियल एस्टेट उद्योग को मजबूती मिलेगी।
अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि रियल एस्टेट क्षेत्र पंजाब की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देता है। लाइसेंस प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना राज्य की विकास दर को और आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
