लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर भारत से सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना हुआ है। श्री गुरु नानक देव जी के गुरुपर्व के अवसर पर यह जत्था पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने गया है।
इस मौके पर अमृतसर-अटारी बॉर्डर पर आज सुबह श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह और भावनात्मक माहौल देखने को मिला। लंबे समय बाद सरहद पर एक बार फिर “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारे गूंज उठे।
SGPC की अगुवाई में रवाना हुआ जत्था
इस सिख जत्थे की अगुवाई शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा की जा रही है। जत्था आज अमृतसर से रवाना होकर पाकिस्तान के ननकाना साहिब, पंजा साहिब, डेरा साहिब और करतारपुर साहिब सहित कई पवित्र स्थलों के दर्शन करेगा।
यह जत्था 13 नवंबर को भारत लौटेगा।
श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार, ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज भी इस जत्थे के साथ यात्रा कर रहे हैं।
भारत-पाकिस्तान संबंधों में आई नरमी
पिछले कुछ महीनों से पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। इसी कारण धार्मिक यात्राओं पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी।
काफी समय तक भारतीय श्रद्धालु पाकिस्तान के गुरुद्वारों में दर्शन नहीं कर पा रहे थे।
लेकिन अब, गुरुपर्व के मौके पर दोनों देशों के बीच धार्मिक यात्रा की अनुमति फिर से बहाल की गई है।
पाकिस्तान सरकार ने इस बार लगभग 1,800 पासपोर्टों में से 1,794 श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया है। यह हाल के वर्षों में सबसे बड़ा जत्था माना जा रहा है।
श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था
रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा —
“हम बेहद धन्य महसूस कर रहे हैं कि हमें श्री गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है। कई वर्षों से यह यात्रा संभव नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब सरकार ने यह राह फिर खोल दी है।”
श्रद्धालुओं ने भारत और पाकिस्तान दोनों की सरकारों से अपील की कि धार्मिक यात्राओं के लिए और अधिक वीजा जारी किए जाएं ताकि अधिक से अधिक सिख श्रद्धालु गुरु के चरणों में माथा टेक सकें।
गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की विशेषता
श्री गुरु नानक देव जी का गुरुपर्व (प्रकाश उत्सव) सिख समुदाय का सबसे बड़ा पर्व है, जो ननकाना साहिब (पाकिस्तान) में विशेष श्रद्धा से मनाया जाता है।
हर साल हज़ारों श्रद्धालु इस अवसर पर वहां पहुंचते हैं।
