कनाडा की फेडरल सरकार ने अपनी इमिग्रेशन नीति में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। सरकार ने तय किया है कि आने वाले वर्षों में देश में रहने वाले अस्थायी निवासियों (Temporary Residents) की संख्या को लगभग 43 फीसदी तक घटाया जाएगा। यह फैसला फेडरल बजट पेशकश का हिस्सा है और इसका सीधा असर विदेशी कामगारों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर पड़ेगा।
घटेगा अस्थायी निवासियों का अनुपात
सरकार ने कहा है कि उसका लक्ष्य 2027 के अंत तक अस्थायी निवासियों की संख्या को देश की कुल जनसंख्या के 5 प्रतिशत तक सीमित करना है। फिलहाल कनाडा में बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार और छात्र अस्थायी वीज़ा पर रह रहे हैं, जिससे देश के बुनियादी ढांचे और आवास पर दबाव बढ़ रहा है। इसीलिए सरकार चाहती है कि देश में आने और यहां से जाने वाले लोगों की संख्या के बीच संतुलन बनाया जाए।
क्यों लिया गया यह फैसला
कनाडा में हाल के वर्षों में तेज़ी से बढ़ती इमिग्रेशन के कारण आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ बढ़ गया है। कई इलाकों में घरों की कीमतें और किराया भी तेजी से बढ़ा है। यही नहीं, देश में इमिग्रेशन विरोधी भावनाएं भी धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। इन हालातों को देखते हुए सरकार ने यह नीति लागू करने का निर्णय लिया है ताकि सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव कम किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए नए नियम
रिपोर्ट के मुताबिक, पहले कनाडा हर साल करीब 3,05,000 अंतरराष्ट्रीय छात्रों को स्टडी परमिट जारी करता था। लेकिन अब इस संख्या को घटाकर 1,55,000 कर दिया गया है — यानी लगभग 43 प्रतिशत की कटौती। आने वाले वर्षों में यह संख्या और कम होकर 1,50,000 के करीब रह सकती है। इसका सीधा असर भारतीय छात्रों पर पड़ेगा, क्योंकि 2024 में जारी स्टडी परमिट्स में 36.5 प्रतिशत हिस्सेदारी भारतीयों की थी।
वर्क परमिट पर भी असर
केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि विदेशी कामगारों पर भी इस नीति का असर पड़ेगा। 2026 में कामगारों और छात्रों के लिए कुल अनुमानित वीज़ा संख्या 3,85,000 होगी, जिसे अगले दो वर्षों में घटाकर 3,70,000 किया जाएगा। इसी तरह, नए वर्क परमिट की संख्या 2027 तक घटकर 2,20,000 रह जाएगी।
भारतीय समुदाय पर बड़ा असर
चूंकि कनाडा में भारतीय छात्र और कामगारों की संख्या सबसे अधिक है, इसलिए यह बदलाव उनके लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अब वीज़ा मिलने की प्रक्रिया कठिन होगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। कनाडा की यूनिवर्सिटीज़ और वर्क इंडस्ट्री में भी इस नीति का सीधा असर देखा जाएगा।
सरकार का तर्क — संतुलन और स्थिरता
कनाडाई सरकार का कहना है कि यह फैसला किसी देश या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के संसाधनों और अर्थव्यवस्था को संतुलित करने के लिए है। सरकार का लक्ष्य है कि जो लोग कनाडा आएं, उन्हें गुणवत्तापूर्ण जीवन और सुविधाएं मिलें, न कि सीमित संसाधनों पर अत्यधिक दबाव बने।
