इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीज़न से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए, फ्रैंचाइज़ी के मालिक डियाजियो (Diageo) ने आखिरकार पुष्टि कर दी है कि RCB की विक्रय प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया अगले सीज़न से पहले पूरी हो जाएगी। गौरतलब है कि RCB ने 2025 के सीज़न में अपना पहला IPL खिताब जीता था — जो विराट कोहली के लिए भी पहला ट्रॉफी जीत थी, क्योंकि वे टीम के साथ शुरुआत से जुड़े हुए हैं।
डियाजियो ने शेयर बाजार को दी जानकारी
क्रिकबज़ की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश कंपनी डियाजियो ने बुधवार (5 नवंबर) को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को भेजे एक पत्र में इस निर्णय की पुष्टि की। पत्र में कहा गया है कि कंपनी अपनी भारतीय सहायक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) के तहत आने वाली रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (RCSPL) में निवेश की रणनीतिक समीक्षा (Strategic Review) कर रही है।
पत्र में साफ लिखा गया है –
“USL ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी RCSPL में निवेश की एक रणनीतिक समीक्षा शुरू की है। RCSPL के अंतर्गत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पुरुष और महिला फ्रैंचाइज़ी टीमों की मालिकाना हक शामिल है, जो क्रमशः IPL और WPL टूर्नामेंट में हिस्सा लेती हैं।”
बिक्री प्रक्रिया मार्च 2026 तक पूरी होने की उम्मीद
डियाजियो और USL ने अपने कवरिंग लेटर में बताया है कि उन्हें उम्मीद है कि यह बिक्री प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक पूरी हो जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इस प्रक्रिया के अंतिम चरण में है और जल्द ही एक संभावित खरीदार के नाम का ऐलान भी किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि डियाजियो पहले से ही कुछ बड़े निवेशकों से बातचीत कर रहा है।
विजय माल्या से डियाजियो तक का सफर
RCB की कहानी IPL की शुरुआत से जुड़ी है। 2008 में जब BCCI ने लीग की आठ टीमों के लिए बोली लगाई थी, तब विजय माल्या ने लगभग ₹600 करोड़ रुपये में बेंगलुरु फ्रैंचाइज़ी खरीदी थी। उस वक्त टीम का स्वामित्व यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) के पास था, जो माल्या की ही कंपनी थी।
बाद में, 2014 में डियाजियो ने USL में 54% से अधिक हिस्सेदारी खरीद ली और टीम की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली। तब से लेकर अब तक RCB, डियाजियो ग्रुप के नियंत्रण में रही है।
RCB की उपलब्धियां और ब्रांड वैल्यू
भले ही RCB को IPL का खिताब जीतने में 17 साल लग गए, लेकिन यह टीम ब्रांड वैल्यू और लोकप्रियता के मामले में हमेशा शीर्ष पर रही है। विराट कोहली, एबी डिविलियर्स और फाफ डू प्लेसिस जैसे स्टार खिलाड़ियों ने इस टीम को एक ग्लोबल फैनबेस दिया है। 2025 में पहली बार IPL ट्रॉफी जीतकर टीम ने अपने समर्थकों का इंतजार खत्म किया।
क्यों की जा रही है बिक्री?
डियाजियो की “रणनीतिक समीक्षा” यह संकेत देती है कि कंपनी अब अपने मुख्य बिज़नेस (स्पिरिट्स और बेवरेजेस) पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहती है। माना जा रहा है कि क्रिकेट टीम चलाना अब उसके लिए कोर बिज़नेस रणनीति का हिस्सा नहीं रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस डील से कंपनी को अरबों रुपये की आमदनी हो सकती है।
नए मालिक को लेकर शुरू हुई अटकलें
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि RCB का नया मालिक कौन होगा। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारतीय उद्योग जगत के बड़े नाम और अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स इन्वेस्टमेंट फर्में इस रेस में शामिल हैं।
