आज यानी गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में लगभग सभी सेक्टरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इससे बाजार में गिरावट दर्ज की गई और यह लगातार दूसरे दिन लाल निशान पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट आई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
सुबह की रैली के बाद गिरे बाजार के सूचकांक
दिन की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई थी, लेकिन थोड़ी देर बाद बाजार ने मजबूत रैली दिखाई। हालांकि, दोपहर बाद बाजार फिर अपने ऊपरी स्तर से फिसल गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 80 अंक गिरकर 83,380 पर, जबकि निफ्टी 60 अंक टूटकर 25,546 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स और निफ्टी का बंद स्तर
आज के कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 148.14 अंक यानी 0.18% की गिरावट के साथ 83,311.01 पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 11 शेयर बढ़त में रहे जबकि 19 में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, एनएसई निफ्टी 87.95 अंक यानी 0.34% गिरकर 25,509.70 पर बंद हुआ।
किन शेयरों में रही हलचल?
सेंसेक्स के शेयरों में एशियन पेंट्स सबसे ज्यादा 4.5% से अधिक चढ़े। इनके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, SBI, अडानी पोर्ट्स, ट्रेंट और लार्सन एंड टूब्रो के शेयरों में भी तेजी रही।
वहीं दूसरी ओर, पावर ग्रिड, ईटर्नल, बजाज फाइनेंस और HDFC बैंक जैसे बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेत
एशियाई बाजारों में आज मिश्रित रुझान देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, चीन का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स हरे निशान में रहे।
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में बढ़त दर्ज की गई थी, जिससे भारतीय बाजार को शुरुआती सपोर्ट मिला।
तेल और विदेशी निवेशकों की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.17% बढ़कर $63.63 प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं, विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को बाजार में 1,067.01 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।
इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने उसी दिन 1,202.90 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे कुछ हद तक संतुलन बना रहा।
बाजार छुट्टी के बाद लौटा कारोबार
गौरतलब है कि बुधवार को गुरु नानक जयंती के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहे थे। छुट्टी के बाद जब आज बाजार खुले, तो निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार नीचे फिसल गया।
विशेषज्ञों की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
