केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है।
फिरोजपुर से पटी तक 25.7 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन को औपचारिक मंजूरी मिल गई है।
इस प्रोजेक्ट पर 764 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने ऐलान किया कि लंबे समय से अटका यह रेलवे प्रोजेक्ट अब जल्द ही शुरू होने जा रहा है।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
इस परियोजना के लिए फिरोजपुर और तरनतारन जिलों के कुछ गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
इसके लिए 165 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
केंद्र सरकार ने पंजाब के मुख्य सचिव को प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं ताकि काम जल्द शुरू हो सके।
विकास की नई राह खोलेगा यह प्रोजेक्ट
रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि इस रेल लाइन के पूरा होने से
मालवा और माज्हा क्षेत्रों के बीच एक नया संपर्क मार्ग बनेगा।
इससे व्यापार, शिक्षा, रोजगार और यात्रा के क्षेत्र में तेजी से विकास होगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक तोहफा है,
जिससे क्षेत्र के लाखों लोगों को फायदा होगा।
रणनीतिक दृष्टि से भी अहम
नई रेलवे लाइन जालंधर–फिरोजपुर और पटी–खेमकरण रूट को जोड़ेगी।
यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक से होकर गुजरेगा,
जिससे सेना की आवाजाही और सामान की ढुलाई में तेजी आएगी।
यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रोजगार और आर्थिक विकास में बढ़ोतरी
रेल राज्यमंत्री बिट्टू ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से
करीब 10 लाख लोगों को सीधा और अप्रत्यक्ष फायदा मिलेगा।
साथ ही 2.5 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इस रेल लाइन से रोजाना 2,500 से 3,500 यात्री यात्रा कर सकेंगे,
जिससे छात्रों, कामगारों और ग्रामीण मरीजों को बड़ी सुविधा होगी।
व्यापार और उद्योग को मिलेगी रफ्तार
नई रेल लाइन बनने से पंजाब के उद्योग और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
माल की ढुलाई की लागत कम होगी और किसानों को अपने उत्पाद
बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी।
बिट्टू ने कहा कि यह रेल मार्ग न केवल आधुनिक विकास की दिशा में कदम है,
बल्कि यह विभाजन के समय खोए ऐतिहासिक रास्तों को फिर से जीवंत करेगा।
