पंजाब सरकार ने राज्य के सरपंचों के लिए एक अहम घोषणा की है, जिससे ग्रामीण विकास से जुड़े जनप्रतिनिधियों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार ने नए निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब सरपंचों को मान भत्ता उनकी पंचायत की आय के आधार पर दिया जाएगा।
फंड वाली पंचायतें खुद देंगी मान भत्ता
सरकार के अनुसार, जिन पंचायतों के पास खुद की आय है—जैसे जमीन, संपत्तियों या अन्य स्थानीय स्रोतों से आने वाला फंड—वे सरपंचों का मान भत्ता स्वयं जनरेट करके अदा कर सकेंगी।
इससे ऐसी पंचायतों को किसी अतिरिक्त मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और भुगतान प्रक्रिया तेज़ होगी।
फंड की कमी वाली पंचायतों को मिलेगी अलग मदद
जिन पंचायतों के पास कोई आय का स्रोत नहीं है या आर्थिक स्थिति कमजोर है, उनके लिए सरकार ने अलग व्यवस्था की है।
ऐसी पंचायतों के सरपंचों का मान भत्ता ब्लॉक समिति की ओर से दिया जाएगा।
सरकार का यह कदम सुनिश्चित करेगा कि किसी भी सरपंच को सिर्फ फंड की कमी के कारण नुकसान न उठाना पड़े।
सरपंचों को सीधा लाभ
इस फैसले से पंजाब के हजारों सरपंचों को राहत मिलने वाली है। सरकार का मानना है कि इससे पंचायतों की आर्थिक स्थिति भी स्पष्ट होगी और सरपंचों को उनके काम के अनुसार सम्मानजनक भत्ता मिलेगा।
