पंजाब सरकार राज्य की महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने एक बड़ा एलान किया है। उन्होंने बताया कि कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित, आरामदायक और किफायती रहने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार 150 करोड़ रुपये की लागत से कुल 5 वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण कर रही है।
इन हॉस्टलों में से तीन मोहाली में, जबकि एक-एक हॉस्टल अमृतसर और जालंधर में बनाया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि यह परियोजना उन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में घर से दूर रहती हैं और सुरक्षित रिहाइश की तलाश में रहती हैं।
कामकाजी महिलाओं के लिए बड़ी सौगात
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि ये हॉस्टल सिर्फ रहने की जगह भर नहीं होंगे, बल्कि पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और इन हॉस्टलों में चौबीसों घंटे निगरानी, सुरक्षित प्रवेश-निकास प्रणाली तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, साफ-सुथरे कमरे, भोजनालय, कॉमन एरिया, वाई-फाई, मनोरंजन की सुविधाएं और परिवहन जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल की जाएंगी।
मंत्री ने कहा कि इन हॉस्टलों के तैयार होने से हजारों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। इससे महिलाओं को सुरक्षित माहौल में रहकर नौकरी करने, पढ़ाई करने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के कई कदम
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाओं पर पहले से काम कर रही है। चाहे महिलाओं की शिक्षा हो, रोजगार के अवसर हों या फिर समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी—हर स्तर पर सरकार जरूरी सहयोग उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, स्वयं सहायता समूह, वित्तीय सहयोग और सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जा रहा है।
अधिकारियों को दिए तेज़ी से काम पूरे करने के निर्देश
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन वर्किंग वूमेन हॉस्टलों का निर्माण तेज़ी से और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ताकि जल्द से जल्द महिलाएं इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की मंशा महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल तैयार करना है, और यह परियोजना उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
