आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती इन दिनों श्रद्धा, सेवा और भक्ति से पूरी तरह भरी हुई है। गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत के उपलक्ष्य में पंजाब सरकार 23 से 25 नवंबर तक एक ऐतिहासिक और विशाल कार्यक्रम आयोजित कर रही है। यह सिर्फ सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि गुरु साहिब को समर्पित सच्ची श्रद्धा और सेवा भावना का अनूठा उदाहरण बन गया है।
सरकार के हर मंत्री, विधायक और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता इन दिनों किसी नेता की तरह नहीं, बल्कि विनम्र सेवादार बनकर सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में यह आयोजन और भी विशेष बन गया है।
नगर कीर्तन में विनम्रता का अद्भुत दृश्य
19 नवंबर से शुरू हुए चार बड़े नगर कीर्तन पंजाब भर में निकाले जा रहे हैं। इन नगर कीर्तनों में मुख्यमंत्री भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के गुरुद्वारा छेवीं पात्शाही से पहली यात्रा में भाग लिया। उनके साथ पंजाब कैबिनेट के सभी मंत्री भी मौजूद रहे।
यह नगर कीर्तन श्रीनगर से शुरू होकर जम्मू, पठानकोट और होशियारपुर से होता हुआ 22 नवंबर को आनंदपुर साहिब पहुँचेगा। रास्ते में हर जगह नेता नहीं, बल्कि साधारण सेवादारों की तरह सेवा करते हुए मंत्रियों और विधायकों को देखकर लोगों ने भी इसे बेहद सराहा।
पंजाब पुलिस भी बनी ‘सेवादार पुलिस’
इस मौके पर सुरक्षा की भारी जिम्मेदारी पंजाब पुलिस पर है। विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला के नेतृत्व में 10,000 से अधिक पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पुलिस सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को मार्ग दिखाने, उनकी मदद करने और सुविधा उपलब्ध कराने में भी जुटी है।
डीजीपी गौरव यादव ने स्वयं स्थल का दौरा किया और अधिकारियों को सहानुभूति, विनम्रता और पेशेवर तरीके से काम करने के निर्देश दिए। आयोजनों को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस ने ड्रोन, एआई-सक्षम कैमरे, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम की व्यवस्था की है।
डिजिटल सेवा का आधुनिक रूप
शिक्षा व सूचना मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस मौके पर एक खास डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप— AnandpurSahib350.com लॉन्च किया है। इस ऐप के जरिए श्रद्धालुओं को 65 मिनी बसें, 500 ई-रिक्शा, 19 आम आदमी क्लीनिक, मुफ्त दवाइयाँ और कई सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। मंत्री बैंस ने कहा कि यह गुरु साहिब की “सरबत दा भला” की भावना को तकनीक के जरिए आगे बढ़ाने की पहल है।
तीन दिनों में कई ऐतिहासिक कार्यक्रम
23 नवंबर को अखंड पाठ साहिब से मुख्य कार्यक्रम शुरू होगा। इसके बाद—
- अंतर्धार्मिक सम्मेलन
- हेरिटेज वॉक
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- भव्य ड्रोन शो
- और पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र
आयोजित किए जाएंगे। खास बात यह है कि पहली बार सिख इतिहास में विधानसभा का सत्र गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान में आयोजित होगा।
142 गांवों के विकास के लिए बड़ा कदम
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरु तेग बहादुर जी से जुड़े 142 गांवों के विकास के लिए 71 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह कदम गुरु साहिब की विरासत को संजोने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
पूरे आयोजन में यह साफ दिखाई दे रहा है कि हर मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता इसे राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी धार्मिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानकर सेवा कर रहे हैं।
