श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित विशेष कार्यक्रमों के बीच पंजाब सरकार ने एक अनोखी पहल की है। पंजाब विधान सभा का विशेष कॉम्प्लेक्स, जो खास तौर पर इस अवसर के लिए बनाया गया है, अब 29 नवंबर 2025 तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। यह जानकारी पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस ने दी।
पहली बार विधानसभा सत्र चंडीगढ़ से बाहर
शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक कदम है क्योंकि पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र पहली बार चंडीगढ़ से बाहर आयोजित किया गया।
24 नवंबर 2025 को होने वाले 10वें (विशेष) सत्र के लिए श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी यादगार स्थल को अस्थायी विधानसभा कॉम्प्लेक्स के रूप में चुना गया था।
इस निर्णय का उद्देश्य था कि जिस धरती पर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए बलिदान दिया, उसी पवित्र स्थल पर उनकी स्मृति में विशेष सत्र आयोजित हो सके। इससे संगत को भी यह संदेश मिला कि पंजाब सरकार शहीदों की महान परंपरा और उनके आदर्शों को सर्वोपरि मानती है।
आम नागरिक भी कर सकेंगे दौरा
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि 29 नवंबर तक जनता इस अस्थायी विधानसभा कॉम्प्लेक्स का दौरा कर सकती है।
लोग यहां पहुंचकर न सिर्फ इस विशेष व्यवस्था को देख सकेंगे, बल्कि गुरु साहिब की शहादत के संदेश और उनके उपदेशों को भी अनुभव कर पाएंगे।
भाई जैता जी की यादगार पर बनाई गईं व्यवस्थाएं काफी आकर्षक हैं और संगत से भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
ड्रोन शो, टेंट सिटीज़ और पार्किंग व्यवस्था भी जारी
मंत्री बैंस ने आगे बताया कि श्री आनंदपुर साहिब में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन टेंट सिटीज़, बड़ी पार्किंग व्यवस्था और ड्रोन शो जैसी विशेष सुविधाएँ भी स्थापित की गई थीं।
उन्होंने बताया कि ये सभी व्यवस्थाएं 29 नवंबर तक जारी रहेंगी, ताकि बड़ी संख्या में आ रही संगत को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटीज़ में रहने और भोजन की भी बढ़िया व्यवस्था की गई है। ड्रोन शो हर शाम संगत को एक अलग ही आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव दे रहा है।
संगत में उत्साह, सरकार की पहल की सराहना
श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के शहीदी दिवस पर इस तरह विधानसभा सत्र आयोजित करना और जनता के लिए कॉम्प्लेक्स खोल देना लोगों के बीच काफी प्रशंसनीय कदम माना जा रहा है।
सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बन सकें और गुरु साहिब के त्याग, धर्म की रक्षा और मानवता की मिसाल को समझ सकें।
