पंजाब और चंडीगढ़ में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। आज भी पूरे क्षेत्र में सीत लहर का माहौल बना रहेगा। राज्य के ज़्यादातर जिलों में पिछले दो दिनों से ठंडी हवाएँ तेज़ी से बह रही हैं, जिसके चलते लोग सुबह और शाम को मोटे कपड़े पहनने को मजबूर हो चुके हैं।
पहाड़ों में बर्फबारी का प्रभाव मैदानी इलाकों पर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पंजाब में अचानक बढ़ी ठंड की मुख्य वजह पहाड़ों पर जारी बर्फबारी है। पहाड़ी राज्यों में तापमान गिरने के बाद वहाँ से आने वाली बर्फीली हवाएँ मैदानी इलाकों तक पहुँच रही हैं। इसका सीधा असर पंजाब–चंडीगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है।
अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, फिरोजपुर और पटियाला में रात के समय बेहद ठंड महसूस की गई। कई जगहों पर हवा की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि लोगों को घरों में जल्दी लौटना पड़ा।
पश्चिमी विक्षोभ हो रहा सक्रिय
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) अधिक सक्रिय रहेगा। जैसे ही यह सिस्टम पहाड़ों पर असर करेगा, ठंडी हवाएँ मैदानी क्षेत्रों में और तेजी से फैलेंगी।
इसी वजह से पंजाब और चंडीगढ़ में ठिठुरन बढ़ गई है और तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है।
बारिश की संभावना बढ़ी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नवंबर के आखिरी दिनों या दिसंबर की शुरुआत में पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश होने की संभावना है।
अगर इस दौरान पहाड़ों पर अच्छी बर्फबारी हुई, तो पंजाब का तापमान और तेज़ी से गिर सकता है।
अगले कुछ दिनों में हर रोज़ 1–2 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट देखी जा सकती है।
क्यों बढ़ रही है ठंड?
ठंड बढ़ने के पीछे दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं—
- पहाड़ों से आने वाली उत्तरी हवाएँ, जो लगातार तेज़ी से बह रही हैं।
- मौसम तंत्र की सक्रियता, जिससे बादल छाते हैं और ठंड और बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताह में सुबह व शाम के तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। यदि बारिश होती है, तो दिन में भी ठिठुरन महसूस होगी।
पंजाब–चंडीगढ़ में ठंड का मौसम अभी और कड़ा होने वाला है। पहाड़ों की बर्फबारी, ठंडी हवाओं की रफ्तार और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता—इन सभी ने मिलकर सर्दी को समय से पहले ही चरम पर पहुँचा दिया है।
