पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सोमवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया कि लगभग 300 प्राइवेट डॉक्टरों को सरकारी पैनल में शामिल किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से बनी डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि जिन प्राइवेट डॉक्टरों को सरकारी पैनल में लिया जाएगा, उन्हें तय समय के अनुसार ड्यूटी का भुगतान किया जाएगा।
- दिन की ड्यूटी करने वाले डॉक्टर को 1000 रुपये दिए जाएंगे।
- जबकि रात की ड्यूटी के लिए उन्हें 2000 रुपये का मानदेय मिलेगा।
सरकार का मानना है कि प्राइवेट डॉक्टरों को साथ जोड़ने से अस्पतालों में मरीजों का इंतजार समय कम होगा और उपचार की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। कई जिलों में ऐसे अस्पताल हैं जहां डॉक्टरों की भारी कमी है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। यह नई पहल उन सभी इलाकों में राहत लेकर आएगी।
इसके अलावा, सरकार का कहना है कि यह योजना भविष्य में स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। आने वाले समय में जरूरत के अनुसार और भी डॉक्टरों को पैनल में शामिल करने पर विचार किया जा सकता है।
