हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार धीमी चाल में दिखा। सुबह बाजार हरे निशान में खुला था, लेकिन दिन भर के उतार–चढ़ाव के बाद आखिर में मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। एक हफ्ते के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद बाजार में हुई यह सुस्ती निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है।
सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 13.71 अंकों (0.02%) की गिरावट के साथ 85,706.67 पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 11 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 19 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 12.60 अंकों (0.05%) की गिरावट के साथ 26,202.95 पर बंद हुआ। हालांकि गिरावट बहुत ज्यादा नहीं थी, लेकिन निवेशकों की खरीदी और बिकवाली में अनिश्चितता साफ नजर आई।
ऑटो सेक्टर बना बाज़ार का सितारा
पूरे दिन की ट्रेडिंग में ऑटो सेक्टर ने सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई। ऑटो इंडेक्स में अच्छी खरीद देखी गई, जिसकी वजह से इस सेक्टर के कई शेयरों में बढ़त देखने को मिली। माना जा रहा है कि त्योहारों के बाद भी ऑटो की मांग मजबूत रहने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
कौन-कौन से सेक्टर रहे मजबूत?
- ऑटो, फार्मा, मेटल और FMCG सेक्टर हरे निशान में रहे।
- IT सेक्टर में भी हल्का सुधार देखने को मिला।
इन सेक्टरों की मजबूती ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक संभाला।
किस सेक्टर में गिरावट रही?
- तेल और गैस,
- रीअल्टी,
- मीडिया,
- प्राइवेट बैंकिंग
जैसे इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इन सेक्टरों में बिकवाली का दबाव ज्यादा देखने को मिला।
कौन से शेयर रहे टॉप गेनर?
सेंसेक्स में बढ़त का सबसे ज्यादा योगदान इन कंपनियों का रहा—
- रिलायंस इंडस्ट्रीज़
- महिंद्रा एंड महिंद्रा
- कोटक महिंद्रा बैंक
- L&T (लार्सन एंड टूब्रो)
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
इनके शेयरों में मजबूती ने बाजार को काफी सहारा दिया।
कौन से शेयर लाल निशान में रहे?
बाजार के दिग्गज बैंक शेयरों में गिरावट देखने को मिली—
- HDFC बैंक
- एक्सिस बैंक
- एयरटेल
इनकी कमजोरी का असर सेंसेक्स पर भी पड़ा।
समग्र रूप से क्या रहा माहौल?
दिन भर के उतार–चढ़ाव और सेक्टरों में मिश्रित रुझान बताते हैं कि बाजार फिलहाल नई दिशा तलाश रहा है। एक सप्ताह तक लगातार ऊपर जाने के बाद हल्की सुस्ती सामान्य मानी जा रही है।
निवेशक अगले सप्ताह होने वाले आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक संकेतों पर नज़र बनाए हुए हैं। अगर विदेशी बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो भारतीय बाजार दोबारा तेजी पकड़ सकते हैं।
इस तरह हफ्ते के आखिरी दिन बाजार शांत रहा, लेकिन ऑटो सेक्टर की चमक ने निवेशकों में उम्मीद बनाए रखी।
