लंदन की ब्रेंट काउंसिल ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। काउंसिल के अनुसार, इलाके में दुकानों, फुटपाथों और इमारतों पर पान थूकने की वजह से हर साल 30,000 पाउंड से ज्यादा खर्च सफाई पर करना पड़ता है। यह समस्या खासकर दक्षिण-पूर्व एशियाई समुदाय के कुछ हिस्सों में पान के उपयोग के कारण बढ़ रही है। काउंसिल ने इसे न सिर्फ महंगा, बल्कि सार्वजनिक स्थानों की सुंदरता के लिए भी हानिकारक बताया है।
सोशल मीडिया पर साझा किया गया सफाई अभियान
ब्रेंट काउंसिल ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें सफाई कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर पान के दाग हटाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में बैकग्राउंड से आती आवाज़ कहती है—
“हमारी सड़कों पर पान के दाग लगाने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। इस वजह से शहर को साफ रखने के लिए भारी खर्च हो रहा है।”
काउंसिल ने बताया कि अब ब्रेंट की सड़कों पर अधिक पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं, जिससे पान थूकने वालों पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही साफ-सफाई के लिए एक अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें लाखों पाउंड खर्च हो रहे हैं।
काउंसिल की Zero Tolerance नीति
वीडियो के साथ एक लंबा कैप्शन भी पोस्ट किया गया। इसमें बताया गया कि पान थूकने की आदत न सिर्फ गंदगी फैलाती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।
कैप्शन में लिखा था—
“हर साल 30,000 पाउंड सिर्फ पान के दाग साफ करने में खर्च हो रहे हैं। इसलिए अब ब्रेंट में कड़ी कार्रवाई लागू की जा रही है। जो भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर पान थूकते पकड़ा गया, उस पर 100 पाउंड का तुरंत जुर्माना लगाया जाएगा।”
साथ ही, काउंसिल ने स्थानीय निवासियों के लिए एक सहायता कार्यक्रम भी शुरू किया है, जिसके तहत लोगों को पान और तंबाकू छोड़ने में मदद दी जाएगी।
काउंसिल की लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने की अपील
ब्रेंट की लोक अधिकार और प्रवर्तन मामलों की कैबिनेट सदस्य, पार्षद कृपा शेठ ने साफ कहा कि काउंसिल इस मुद्दे पर बिल्कुल भी ढिलाई नहीं बरतेगी।
उन्होंने कहा—
“हम उन लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जारी रखेंगे जो हमारी सड़कों को गंदा करते हैं। चाहे पान थूकना हो या दुकानों और फुटपाथों को दागदार करना—ब्रेंट काउंसिल सख्त कार्रवाई करेगी। ब्रेंट से पंगा मत लेना—हम पकड़ेंगे और जुर्माना भी लगाएंगे।”
साफ संदेश: सार्वजनिक स्थान सबके लिए हैं
काउंसिल ने निवासियों से अपील की है कि वे शहर की साफ-सफाई का सम्मान करें और सार्वजनिक जगहों को गंदा न करें।
ब्रेंट प्रशासन का कहना है कि अगर लोग सहयोग करेंगे तो शहर और भी स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर बनेगा।
इस अभियान का मकसद सिर्फ गंदगी रोकना नहीं, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाना है।
