पंजाब सरकार ग्रामीण इलाकों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए तेजी से कदम उठा रही है। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि भोआ हलके में वेटरनरी सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए कुल 59 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इससे किसानों और पशुपालकों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
राजपुरा गांव की वेटरनरी डिस्पेंसरी को मिलेगा नया रूप
सरकार ने राजपुरा गांव की सिविल वेटरनरी डिस्पेंसरी के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए लगभग 17 लाख रुपये मंजूर किए हैं।
इस राशि का उपयोग—
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भवन सुधार,
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नए उपकरण खरीदने,
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दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाने,
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और पशु उपचार सुविधाएं बेहतर करने—
के लिए किया जाएगा।
लंबे समय से ग्रामीणों और किसानों की यह मांग थी, जो अब पूरी हो रही है। इससे हजारों पशुपालकों को सीधा फायदा मिलेगा।
तारागढ़ में वेटरनरी अस्पताल के लिए 42 लाख की बड़ी सौगात
तारागढ़ गांव में सिविल वेटरनरी अस्पताल के विकास हेतु करीब 42 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
इस फंड से—
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अस्पताल की इमारत,
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आधुनिक लैब सुविधाएं,
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साफ–सफाई व्यवस्था,
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और उपचार प्रबंधन—
को उन्नत किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह निवेश बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पशुपालन पर निर्भर करता है।
“किसान हमारी रीढ़, सुविधाएं हर गांव तक पहुंचेगी” – मंत्री कटारूचक्क
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार का लक्ष्य है कि विकास केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों में भी समान रूप से हो।
उन्होंने कहा,
“किसान राज्य की रीढ़ हैं। पशु स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत होना उनके लिए जरूरी है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर गांव तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचें।”
पशु स्वास्थ्य सेवाओं से बढ़ेगी आय और उत्पादन
सरकार का मानना है कि बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से—
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पशुओं की बीमारियों पर नियंत्रण मिलेगा,
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दूध उत्पादन बढ़ेगा,
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और किसानों की आय में भी सुधार होगा।
इसके साथ ही पंजाब सरकार कई योजनाएँ चला रही है, जिनका उद्देश्य किसानों की कमाई बढ़ाना और ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
ग्रामीणों ने जताया धन्यवाद
राजपुरा और तारागढ़ के गांववासियों ने कहा कि वर्षों से वेटरनरी सेवाओं में सुधार की जरूरत थी। सरकार द्वारा जारी राशि से न सिर्फ इलाज सुविधाएं बेहतर होंगी बल्कि पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
