संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो गया है और पहला ही दिन काफी हलचल भरा रहा। यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें कई बड़े राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। शुरुआत से ही अंदेशा था कि सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, और वही देखने को भी मिला। हालांकि सरकार ने सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक कर सभी दलों से शांतिपूर्ण कार्यवाही का भरोसा लिया था, फिर भी कुछ देर में माहौल गरमा गया।
राज्यसभा में खड़गे का चेयरमैन को संदेश
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने नए चेयरमैन का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाए रखना होगा। खड़गे ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा कि नए चेयरमैन पहले के चेयरमैन के नाम से मिलते-जुलते हैं, इसलिए उम्मीद है कि वे भी उनके कार्यशैली से प्रेरणा लेंगे।
उन्होंने कहा कि चेयरमैन को सदन में निष्पक्षता बनाए रखने की ज़िम्मेदारी निभानी होगी।
हरिवंश ने भी किया स्वागत, गिनाईं प्रशंसनीय उपलब्धियां
राज्यसभा के उप-सभापति हरिवंश ने चेयरमैन का स्वागत करते हुए कहा कि वह कई राज्यों के राज्यपाल रह चुके हैं और जनता से उनके संबंध हमेशा सौहार्दपूर्ण रहे हैं। उनके अनुसार, चेयरमैन संवाद पर जोर देने वाले नेता हैं और सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशील रहे हैं।
लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सांसद तख्तियां लेकर हंगामा करने लगे। स्पीकर ओम बिरला ने इस व्यवहार पर नाराज़गी जताई और कहा कि दुनिया को दिखना चाहिए कि भारत की संसद जिम्मेदारी से काम करती है।
विपक्ष की नारेबाजी नहीं थमी, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: अनुशासन और गरिमा बनी रहनी चाहिए
सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बात करते हुए विपक्ष पर कटाक्ष किया और कहा कि संसद को चुनावी हार का गुस्सा निकालने की जगह नहीं बनना चाहिए।
राज्यसभा में चेयरमैन का स्वागत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे कई राज्यों में राज्यपाल रहे हैं और उनकी सादगी तथा सेवा भावना सबके लिए प्रेरणा है।
पीएम ने यह भी कहा कि सदन में सभी को एक-दूसरे की गरिमा का ध्यान रखना होगा ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके।
लोकसभा में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि
लोकसभा सत्र की शुरुआत शोक संदेश से हुई। स्पीकर ओम बिरला ने पूर्व सांसद और प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल सहित तीन अन्य पूर्व सांसदों के निधन की जानकारी दी।
सदन ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पहले दिन से ही गर्म हुआ सियासी माहौल
शीतकालीन सत्र के पहले दिन से ही संकेत मिल गए हैं कि आगे का सत्र काफी तूफानी रहने वाला है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार इस सत्र में महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की योजना लेकर आगे बढ़ रही है।
आने वाले दिनों में संसद का माहौल और भी गरमाने की संभावना है।
