संसद का शीतकालीन सत्र आज अपने दूसरे दिन में प्रवेश कर गया है, लेकिन शुरुआत से ही माहौल खासा गरम रहा। सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों में भारी शोर-शराबा देखने को मिला। विपक्ष के लगातार विरोध के चलते सदन की कार्यवाही कई बार रोकनी पड़ी, और आज भी राजनीतिक टकराव जारी रहने के आसार हैं।
विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन
चुनाव सुधार और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार सुबह विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसद संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए।
मकर द्वार के पास हुए इस प्रदर्शन में कई बड़े चेहरे शामिल रहे—
-
सोनिया गांधी
-
मल्लिकार्जुन खरगे
-
प्रियंका गांधी वाड्रा
-
द्रमुक नेता टी.आर. बालू
सांसदों ने ‘एसआईआर वापस लो’ के नारे लगाते हुए चुनाव सुधारों पर व्यापक चर्चा की मांग दोहराई।
कल भी हुआ था हंगामा
सोमवार को भी SIR का मुद्दा संसद में सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा। विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में इस पर हंगामा किया, जिससे सदन का कामकाज कई बार बाधित हुआ। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण को लेकर गंभीर सवाल हैं और संसद में इस पर खुलकर बात होनी चाहिए।
सरकार की तैयारी: एक्साइज संशोधन विधेयक पेश होगा
जहां एक ओर विपक्ष SIR के खिलाफ एकजुट दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार आज एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने वाली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में केंद्रीय एक्साइज संशोधन विधेयक 2025 लेकर आएंगी।
इस विधेयक में तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी और सेस बढ़ाने का प्रस्ताव है।
सोमवार को भी वित्त मंत्री ने तंबाकू और पान मसाला जैसे उत्पादों पर टैक्स ढांचे में बदलाव से जुड़े दो बिल पेश किए थे, क्योंकि GST से मिलने वाला क्षतिपूर्ति उपकर जल्द खत्म हो रहा है।
विपक्ष की मांग: चुनाव सुधार पर विस्तृत चर्चा
रविवार को हुए सर्वदलीय बैठक और संसद की बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठकों में भी विपक्ष ने चुनाव सुधार और SIR पर चर्चा का मुद्दा उठाया था। उनका कहना है कि लोकतंत्र को मजबूत रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े हर कदम पर गहन बहस जरूरी है।
सत्र 19 दिसंबर तक
शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हुआ है और 19 दिसंबर तक चलेगा। पहले ही दो दिनों में बढ़ते विवाद और तीखी बहसें इस बात का संकेत दे रही हैं कि यह सत्र राजनीतिक तौर पर काफी गरमाहट से भरा रहने वाला है।
