भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बचत खातों से जुड़ा एक बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा लाभ देशभर के बैंक ग्राहकों को मिलेगा। नए नियम के अनुसार अब सभी वाणिज्यिक बैंक 1 लाख रुपए तक की जमा राशि पर एक जैसी ब्याज दर देंगे। इससे अलग-अलग बैंकों द्वारा छोटी जमा राशि पर अलग ब्याज देने की जो असमानता थी, वह खत्म हो जाएगी।
1 लाख से ज़्यादा राशि पर बैंक तय करेंगे ब्याज
RBI ने स्पष्ट किया है कि 1 लाख रुपए से अधिक जमा राशि पर ब्याज दरें बैंकों के अपने नियमों और सेवाओं के आधार पर अलग हो सकती हैं। यानी बड़े जमेधारकों के लिए ब्याज दरें पहले की तरह बैंक तय करते रहेंगे। लेकिन आम ग्राहकों, खासकर छोटे बचत करने वालों को अब इस नई व्यवस्था से सबसे ज़्यादा फायदा मिलेगा।
बचत खातों पर रोज़ाना ब्याज की गणना
नए दिशा-निर्देशों में RBI ने बताया कि अब बचत खातों पर ब्याज की गणना रोज़ाना खाते में मौजूद धनराशि के आधार पर होगी। इससे ग्राहकों को अधिक पारदर्शिता और सही राशि पर ब्याज मिलने की सुविधा मिलेगी।
साथ ही, बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे हर तीन महीने में कम से कम एक बार ब्याज ग्राहकों के खाते में जमा करें। इससे ग्राहकों को नियमित अंतराल पर ब्याज मिलने की गारंटी होगी।
ग्राहक हितों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम
RBI का कहना है कि यह बदलाव ग्राहक हितों की सुरक्षा, बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने और जमा खातों पर ब्याज की व्यवस्था में समानता लाने के उद्देश्य से किया गया है।
बचत खाता रखने वाले करोड़ों ग्राहकों को अब अलग-अलग ब्याज दरों के कारण भ्रम या नुकसान का सामना नहीं करना पड़ेगा।
छोटे जमाकर्ताओं को बड़ा लाभ
इस फैसले से खासतौर पर छोटे जमाकर्ताओं को राहत मिलेगी, क्योंकि अधिकतर लोग 1 लाख रुपए तक की ही राशि बचत खातों में रखते हैं। अब किसी भी बैंक में खाता खुलवाने पर उन्हें बराबर ब्याज मिलेगा, जिससे बैंक चुनते समय भ्रम कम होगा और बैंकिंग क्षेत्र में भी संतुलित प्रतिस्पर्धा बनेगी।
