पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य के सड़क ढांचे को मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। अक्टूबर 2025 में शुरू किया गया ‘सीएम फ्लाइंग स्क्वाड’ अब राज्यभर में तेजी से और सख्ती के साथ सड़क निर्माण की निगरानी कर रहा है। यह पहल 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए घोषित 16,209 करोड़ रुपये की विशाल योजना का हिस्सा है। इसका सबसे बड़ा उद्देश्य है—भ्रष्टाचार पर रोक, घटिया निर्माण पर कार्रवाई और सड़कों की वर्षों तक सही देखभाल सुनिश्चित करना।
क्यों ज़रूरी था ‘सीएम फ्लाइंग स्क्वाड’?
ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लंबे समय से खराब सड़कों की समस्या बनी हुई थी। कहीं सड़कें बनने के कुछ ही महीनों में टूटने लगती थीं, तो कहीं ठेकेदारों द्वारा रखरखाव को नजरअंदाज कर दिया जाता था। ऐसे में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तय किया कि अब सड़क निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट आदेश दिए हैं—
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घटिया सड़क पाए जाने पर ठेकेदार तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
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हर ठेकेदार को सड़क बनने के बाद 5 साल तक उसका रखरखाव करना अनिवार्य होगा।
यह मॉडल उत्तर प्रदेश, झारखंड और अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनकर उभर रहा है, जहाँ सड़क परियोजनाएं अक्सर देरी और खराब गुणवत्ता की वजह से सुर्खियों में रहती हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की टीम कर रही है आकस्मिक जांच
सीएम फ्लाइंग स्क्वाड में पंजाब मंडी बोर्ड और लोक निर्माण विभाग के अनुभवी अधिकारी शामिल हैं। यह टीमें बिना पूर्व सूचना दिए गांवों और शहरों में जाकर निर्माण की जांच करती हैं।
3,425 करोड़ रुपये की ग्रामीण लिंक रोड परियोजना पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जहाँ भी खराब निर्माण पाया गया, सरकार ने तुरंत कड़े एक्शन लेते हुए कई ठेकेदारों के अनुबंध रद्द कर दिए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ठेकेदारों को भुगतान तभी मिलेगा जब संबंधित पंचायत कार्य से पूरी तरह संतुष्ट होगी। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है और पंचायतों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
गुणवत्ता में आया बड़ा सुधार
फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा सात जिलों में किए गए निरीक्षणों से यह साफ हुआ है कि ठेकेदार अब गुणवत्ता को लेकर बेहद सतर्क हैं। ब्लैकलिस्ट होने का डर और 5 साल की जिम्मेदारी ने उन्हें बेहतर ढंग से काम करने को मजबूर किया है।
इसका सीधा फायदा ग्रामीण जनता को मिल रहा है—
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संपर्क मार्ग पहले से बेहतर हो चुके हैं
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किसानों को फसलों की ढुलाई में आसानी
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व्यापार और मंडियों तक पहुंच सुगम
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गांवों से शहरों के स्कूलों व अस्पतालों तक पहुँचने में समय की बचत
बेहतर सड़कें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं।
अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बना पंजाब का मॉडल
असम, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में सड़क रखरखाव लंबे समय से चुनौती रहा है। पंजाब ने दिखाया है कि यदि रखरखाव को अनुबंध का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए और निगरानी मजबूत हो, तो सड़कें वर्षों तक टिकाऊ रह सकती हैं।
यह मॉडल भ्रष्टाचार पर भी सीधा प्रहार करता है क्योंकि अब कोई भी ठेकेदार मनमानी नहीं कर सकता।
पंजाब के विकास की नई कहानी
सीएम फ्लाइंग स्क्वाड सिर्फ एक निगरानी टीम नहीं, बल्कि पंजाब सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतीक है। इस पहल ने सड़क निर्माण को नई दिशा दी है—
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जवाबदेही बढ़ी
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भ्रष्टाचार घटा
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गुणवत्ता में सुधार
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जनता को राहत
मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह नीति पंजाब को मजबूत, विकसित और बेहतर बुनियादी ढांचा रखने वाला राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।
सीधे शब्दों में कहें तो—पंजाब की सड़कें अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित, मजबूत और टिकाऊ बन रही हैं।
